अतिवादी विचारों वाला गुट जेएनयू को परिभाषित नहीं करता: कुलपति शांतिश्री पंडित

अतिवादी विचारों वाला गुट जेएनयू को परिभाषित नहीं करता: कुलपति शांतिश्री पंडित

अतिवादी विचारों वाला गुट जेएनयू को परिभाषित नहीं करता: कुलपति शांतिश्री पंडित
Modified Date: January 8, 2026 / 08:44 pm IST
Published Date: January 8, 2026 8:44 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की कुलपति शांतिश्री धुलिपुडी पंडित ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘‘अतिवादी विचारों वाला गुट’’ जेएनयू को परिभाषित नहीं करता है।

उनका यह बयान प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ छात्रों के एक वर्ग द्वारा नारेबाजी किये जाने के दो दिन बाद आया है।

पंडित ने कहा कि ‘‘दो दिन पहले कुछ नारे लगाए गए थे, लेकिन विश्वविद्यालय ‘‘24 घंटे के भीतर ही संभल गया।’’

 ⁠

उन्होंने परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हर विश्वविद्यालय में कुछ सिरफिरे होते हैं, और यह इस विश्वविद्यालय की विशेषता नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जेएनयू देश का सर्वाधिक राष्ट्रवादी विश्वविद्यालय है।’’

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में ‘‘ स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण’’ है और जेएनयू विभिन्न विमर्शों को आगे बढ़ाता है।

कुलपति ने कहा, ‘‘जेएनयू एक ब्रांड है। हम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं हैं। न्यूयॉर्क के मेयर ने भी हमारा जिक्र किया है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि जेएनयू में कही गई हर बात का ‘‘व्यापक प्रभाव’’ होता है।

सोमवार रात, छात्रों के एक समूह ने जेएनयू परिसर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की।

यह विरोध प्रदर्शन उच्चतम न्यायालय द्वारा 2020 के दंगों की साजिश के मामले में जेएनयू के पूर्व छात्रों उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किये जाने के कुछ घंटों बाद किया गया था।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश


लेखक के बारे में