महिला आरक्षण विधेयक का पारित ना होना ‘अक्षम्य अपराध’ : मुख्यमंत्री नायडू

महिला आरक्षण विधेयक का पारित ना होना 'अक्षम्य अपराध' : मुख्यमंत्री नायडू

महिला आरक्षण विधेयक का पारित ना होना ‘अक्षम्य अपराध’ : मुख्यमंत्री नायडू
Modified Date: April 18, 2026 / 05:26 pm IST
Published Date: April 18, 2026 5:26 pm IST

निदडवोलू, 18 अप्रैल (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक का पारित नहीं होना एक ‘अक्षम्य अपराध’ है।

पूर्वी गोदावरी जिले के निदडवोलू में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विधेयक को ‘महिलाओं के आत्मविश्वास को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से अपमानजनक तरीके से खारिज कर दिया गया।’

नायडू ने कहा, ‘सभी महिलाओं को इससे बहुत उम्मीदें थीं। उनके आत्मविश्वास को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से विधेयक को अपमानजनक तरीके से खारिज कर दिया गया। यह एक अक्षम्य अपराध है।’

विधेयक के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए, तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख ने कहा कि विधायी निकायों में महिलाओं का अधिक प्रतिनिधित्व उचित सम्मान सुनिश्चित करेगा, विकास को बढ़ावा देगा और न्याय को मजबूत करेगा।

वह शुक्रवार को लोकसभा में विधेयक के पारित ना होने की निंदा करने के लिए आयोजित रैली को संबोधित कर रहे थे।

संसद में विधेयक को रोके जाने को कांग्रेस के नेतृत्व में ‘राष्ट्रीय विश्वासघात’ बताते हुए नायडू ने शुक्रवार को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में ‘काला दिन’ बताया।

इस विधेयक का उद्देश्य 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना था।

इस विधेयक में लोकसभा में सीटों की संख्या को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 करने का भी प्रस्ताव था, ताकि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित किया जा सके।

भाषा तान्या अविनाश

अविनाश


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