दुबई से जाली मुद्रा और सोना तस्करी मामला : एनआईए ने चार लोगों के खिलाफ दायर किया आरोपपत्र

दुबई से जाली मुद्रा और सोना तस्करी मामला : एनआईए ने चार लोगों के खिलाफ दायर किया आरोपपत्र

दुबई से जाली मुद्रा और सोना तस्करी मामला : एनआईए ने चार लोगों के खिलाफ दायर किया आरोपपत्र
Modified Date: November 29, 2022 / 08:52 pm IST
Published Date: June 24, 2022 11:05 pm IST

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से जाली भारतीय मुद्रा (एफआईसीएन) और सोने की कथित तस्करी करने में संलिप्त चार आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को यहां की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आरोप पत्र भारतीय दंड संहिता और गैर कानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम (यूएपीए) के तहत दाखिल किया गया है।

एनआईए प्रवक्त ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी मोहम्मद शहजान, दिल्ली के दरियागंज निवासी अमीर उल हक, दिल्ली के चांदबाग निवासी अब्दुल वाहिद और लुधियाना (पंजाब) के अमनदीप सिंह को आरोप पत्र में नामजद किया गया है।

केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि यह मामला दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों द्वारा 10 लाख रुपये मूल्य की जाली भारतीय मुद्रा और 175 ग्राम सोने की जब्ती से जुड़ा है। प्रवक्ता ने बताया कि 12 जनवरी को यूएई के रास-अल-खैमाह हवाई अड्डे से दिल्ली पहुंचे मोहम्मद शहजान से यह बरामदगी की गई थी।

उन्होंने बताया कि इस मामले में एनआईए ने आठ फरवरी को प्राथमिकी दर्ज की।

एनआईए प्रवक्ता के मुताबिक शहजान ने भारत और विदेश में आरोपियों के साथ साजिश रची और जानबूझकर भारत में जाली भारतीय मुद्रा और सोने की तस्करी की।

उन्होंने बताया कि शहजान के लिए दुबई का वीजा और टिकट की व्यवस्था अमीर उल हक करता था।

एनआईए ने बताया कि अमीर उल हक माल लेकर आए अमनदीप सिंह से मिला और हवाई अड्डे पर शहजान का इंतजार कर रहा था जो जाली भारतीय मुद्रा और सोने की खेप लेकर आ रहा था, तभी सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया।

प्रवक्ता ने बताया कि अब्दुल वाहिद जाली भारतीय मुद्रा और सोने की तस्करी करने वालों की दुबई यात्रा के लिए वित्तपोषण करता था और दुबई में मौजूद सह साजिशकर्ताओं के निर्देश पर तस्करी कर लाए गए माल को ठिकाने लगाने का भी काम करता था।

एजेंसी ने कहा कि मामले की आगे की जांच अभी चल रही है।

भाषा धीरज शफीक

शफीक


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