उत्तराखंड में नकली दवाइयों के गिरोह का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

उत्तराखंड में नकली दवाइयों के गिरोह का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

उत्तराखंड में नकली दवाइयों के गिरोह का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार
Modified Date: July 19, 2026 / 04:48 pm IST
Published Date: July 19, 2026 4:48 pm IST

देहरादून, 19 जुलाई (भाषा) उत्तराखंड पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने बिना वैध लाइसेंस के नामी दवा कंपनियों के नाम से नकली एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण और पैकेजिंग करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

एसटीएफ ने औषधि प्रशासन विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर में स्थित एक फैक्टरी पर छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में नकली दवाइयां, पैकेजिंग मशीनें, अवैध अंग्रेजी शराब और आबकारी विभाग के होलोग्राम बरामद किए गए।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने बताया कि बाजपुर औद्योगिक क्षेत्र में संचालित ‘कोविल बायोटेक’ नामक फैक्टरी पर छापेमारी के दौरान पता चला कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी आरोपी धीरेंद्र आयुर्वेदिक और खाद्य लाइसेंस की आड़ में स्टेडमेड, मैक्लिओड्स, इंटास, सन फार्मा समेत कई प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से नकली दवाइयां तैयार कर बाजार में आपूर्ति कर रहा था।

उन्होंने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर राष्ट्रीय राजमार्ग-74 स्थित एक गोदाम से भी बड़ी मात्रा में तैयार दवाइयां और अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई।

एसएसपी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान करीब एक लाख गोलियां और सिरप की 15 हजार बोतलें जब्त की गईं। इनमें एंटीबायोटिक, एंटासिड, दर्द निवारक, न्यूरोपैथिक दर्द, प्रोस्टेट संबंधी दवाइयां, कैल्शियम, विटामिन और आयरन सप्लीमेंट सहित कई जीवनरक्षक दवाइयां शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा मैकडॉवेल्स नंबर-1 और अन्य ब्रांड की 2,600 से अधिक शराब की बोतलें, आबकारी होलोग्राम, पैकेजिंग सामग्री तथा दवाइयों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें भी बरामद की गईं।

अजय सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बाजपुर थाने में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, अवैध शराब की बरामदगी के संबंध में उत्तराखंड आबकारी अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भाषा

दीप्ति रवि कांत


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