सीआरपीएफ के शहीद जवानों के परिजनों ने श्रद्धांजलि दी
सीआरपीएफ के शहीद जवानों के परिजनों ने श्रद्धांजलि दी
चंडीगढ़, 14 फरवरी (भाषा) जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को हुए आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को उनके परिजन ने श्रद्धांजलि दी।
हालांकि, कुछ जवानों के परिजन अपने शहीद सगे-संबंधी को दिए जाने वाले सम्मानों के लिए अभी भी प्रतीक्षारत हैं।
सीआरपीएफ जवान जैमल सिंह की पत्नी सुखजीत कौर ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पति के नाम पर स्टेडियम का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है, जबकि उनसे इसका वादा किया गया था। उन्होंने बताया कि कहा कि इसके अलावा ग़ालौटी रोड पर उनके सम्मान में बनाया जाने वाला स्मारक द्वार भी अधूरा है।
पंजाब के मोगा जिले के गलौती गांव निवासी जैमल, सीआरपीएफ की उस बस को चला रहे थे जिसे 14 फरवरी, 2019 को आतंकवादियों ने निशाना बनाकर बम से उड़ा दिया था। कौर ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘उनके बिना जीवन गुजारना कितना मुश्किल है, यह सिर्फ हम ही जानते हैं।’’
उन्होंने बताया कि उनके बेटे की उम्र मात्र साढ़े पांच वर्ष थी जब उसने अपने पिता को खो दिया था, अब वह 12 वर्ष का है और उन्हें अक्सर याद करता है। कौर ने कहा, ‘अब वह समझता है कि जो हो गया है उसे बदला नहीं जा सकता।’
तरन तारन के गांधीविंड गांव में, शहीद सुखजिंदर सिंह के परिवार ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सुखजिंदर के भाई, गुरजंत सिंह ने सुखजिंदर के नाम पर बने सरकारी स्कूल को 12वीं कक्षा तक विस्तारित करने का आह्वान किया। उन्होंने सुखजिंदर को समर्पित निर्माणाधीन स्टेडियम के निर्माण को पूरा करने का भी आग्रह किया।
चौदह फरवरी, 2019 को जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक आत्मघाती हमलावर ने श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ के काफिले में शामिल एक बस से विस्फोटक से भरा एक वाहन टकरा दिया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों की जान चली गई थी।
भाषा अमित रंजन
रंजन

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