किसान कर्ज माफी मुद्दा: सरकार के आश्वासन के बाद रोहित पवार ने समाप्त किया अनशन

किसान कर्ज माफी मुद्दा: सरकार के आश्वासन के बाद रोहित पवार ने समाप्त किया अनशन

किसान कर्ज माफी मुद्दा: सरकार के आश्वासन के बाद रोहित पवार ने समाप्त किया अनशन
Modified Date: June 15, 2026 / 09:41 am IST
Published Date: June 15, 2026 9:41 am IST

पंढरपुर, 15 जून (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र सरकार की कृषि ऋण माफी योजना से ‘‘कड़ी’’ शर्तें हटाने की मांग को लेकर जारी अपना अनशन, मंत्री गिरीश महाजन की ओर से चर्चा के लिए बैठक बुलाने का आश्वासन दिए जाने के बाद सोमवार को समाप्त कर दिया।

राकांपा (शप) प्रमुख शरद पवार के प्रपौत्र एवं विधायक रोहित पवार ने शुक्रवार को सोलापुर जिले के पंढरपुर में किसानों के लिए संपूर्ण ऋण माफी की मांग को लेकर यह प्रदर्शन शुरू किया था। पंढरपुर विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

महाजन रविवार देर रात पंढरपुर पहुंचे और विधायक से मुलाकात की। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार किसानों की चिंताओं को दूर करने के प्रति सकारात्मक है और उनकी मांगों का समाधान तलाशने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पवार से अनशन समाप्त करने का आग्रह किया।

महाजन ने कहा, ‘‘यदि आपको लगता है कि कृषि ऋण माफी योजना में संशोधन की आवश्यकता है, तो मुंबई आइए। हम मानसून सत्र से पहले एक बैठक बुलाएंगे और आप अपना पक्ष रख सकते हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी आश्वासन दिया है। इसलिए 22 जून से पहले बैठक होगी और हम किसी सकारात्मक नतीजे पर पहुंचने का प्रयास करेंगे।’’

राज्य विधानमंडल का मानसून सत्र 22 जून से प्रस्तावित है।

इस अपील के जवाब में रोहित पवार ने कहा कि यदि राज्य सरकार मांगों पर चर्चा के लिए तैयार है तो आंदोलन को लंबा खींचने का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम इसे राजनीतिक रंग देकर आंदोलन को आगे खींचते हैं, तो इससे अनावश्यक दरार पैदा होगी और किसानों को नुकसान होगा। मुख्यमंत्री के कहे अनुसार यदि सरकार सत्र से पहले समाधान का आश्वासन दे रही है, तो हम बैठकर बातचीत करेंगे और समाधान निकालेंगे। कृषि ऋण माफी योजना की दो कठोर शर्तें हटने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।’’

इसके बाद रोहित पवार ने प्रदर्शन में शामिल किसानों से पूछा कि क्या उन्हें मुख्यमंत्री से बातचीत करनी चाहिए। इस पर उपस्थित जनसमूह ने सहमति जताई।

बाद में परिवार के सदस्यों और किसानों की मौजूदगी में उन्होंने विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर की ‘संत नामदेव पायरी’ (सीढ़ी) पर जाकर अपना अनशन समाप्त किया। संत नामदेव पायरी मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार की पहली सीढ़ी है, जिसे 13वीं सदी के संत-कवि नामदेव का अंतिम विश्राम स्थल माना जाता है।

भाषा खारी शोभना

शोभना


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