जींद में धरने पर बैठे किसान की हृदय गति रुकने से मौत

जींद में धरने पर बैठे किसान की हृदय गति रुकने से मौत

जींद में धरने पर बैठे किसान की हृदय गति रुकने से मौत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:30 pm IST
Published Date: December 8, 2020 2:40 pm IST

जींद, आठ दिसंबर (भाषा) केंद्र के तीन कृषि कानून के विरोध में किसानों के ‘भारत बंद’ के आह्वान पर जिले के गांव उझाना तथा गढ़ी के बीच धरने पर बैठे एक किसान की कथित तौर पर हृदय गति रुकने से मौत हो गई। गढ़ी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वहीं ग्रामीणों ने मृत किसान को शहीद का दर्जा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिये जाने की मांग की है।

गांव उझाना निवासी किसान किताब सिंह (60) मंगलवार सुबह गांव के निकट गढ़ी मार्ग पर चल रहे धरने की अगुवाई कर रहे थे। दोपहर को किताब सिंह की तबीयत खराब हो गई और वह बेसुध होकर गिर गए।

साथी किसान सिंह को उपचार के लिए नरवाना सामान्य अस्पताल लेकर गए। वहां चिकित्सकों ने सिंह को मृत घोषित कर दिया।

सिंह के बेटे जितेंद्र ने बताया ” मेरे पिता पिता धरने के लिए पहुंचे थे वहां दोपहर को हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई।”

पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना की सूचना पाकर गढ़ी थाना प्रभारी नरवाना सामान्य अस्पताल पहुंचे और हालातों का जायजा लिया। फिलहाल गढ़ी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वहीं ग्रामीणों ने मांगे नहीं माने जाने तक सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और गांव में सड़क जाम कर दी। उझाना गांव के किसान रामपाल ने बताया कि जब तक सरकार सिंह को शहीद का दर्जा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद नहीं देती वे मृतक का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

भाषा सं. प्रशांत

प्रशांत


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