फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हिंसा का सिलसिला खत्म करने को कहा
फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हिंसा का सिलसिला खत्म करने को कहा
(फोटो के साथ)
(सुमीर कौल)
श्रीनगर, 30 अप्रैल (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर में हिंसा का सिलसिला खत्म करना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके अब्दुल्ला ने कहा कि हालांकि आतंकवाद काफी हद तक कम हो गया है, लेकिन पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानने से इनकार करने से इस क्षेत्र में हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है।
अब्दुल्ला (88) ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘दोनों देशों, मेरे अपने देश और पाकिस्तान, को मेरी विनम्र सलाह यह है कि समय आ गया है। आइए, हम हिंसा का मार्ग त्यागकर शांति के रास्ते तलाशना शुरू करें ताकि हम सम्मान और गरिमा के साथ जी सकें।’’
पहलगाम आतंकी हमले पर उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र में भाईचारे को पुनर्जीवित करने के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका था। उन्होंने कहा कि इसने जम्मू-कश्मीर के लोगों को विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरने के लिए भी मजबूर किया। अब्दुल्ला ने कहा कि यह पाकिस्तान को एक स्पष्ट संदेश था कि आतंकवाद को अस्वीकार किया जा रहा है।
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी।
उन्होंने कहा कि इस दर्द को केवल अपनों को खोने वाले परिवारों ने ही नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने भी महसूस किया।
अब्दुल्ला ने पिछले साल अप्रैल में हुए हमले के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों को याद करते हुए कहा, ‘‘वे (लोग) बिना किसी के कहे, सड़कों पर उतर आए…वे स्वेच्छा से बाहर आए और कहा कि हम इसका हिस्सा नहीं हैं।’’
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों, विशेषकर घाटी के लोगों ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है कि हिंसा का अंत होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि हमारे पड़ोसी को यह एहसास हो गया होगा कि हम आतंकवाद का कभी समर्थन नहीं करेंगे और भविष्य में कभी भी ऐसे किसी युद्ध का हिस्सा नहीं बनेंगे। यह हमारी पहचान नहीं है। हम जानवर नहीं हैं। हम शांतिप्रिय लोग हैं और शांति चाहते हैं। बहुत हो गया…अब इसे यहीं समाप्त करना चाहिए।’’
अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आज युवाओं के सामने सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद नहीं बल्कि नशे की वह भयावह लत है जो न सिर्फ इस केंद्र शासित प्रदेश बल्कि पूरे देश की ‘‘जड़ों को खोखला’’ कर रही है।
पैसों के लालच में कुछ स्थानीय लोगों के इस कारोबार में शामिल होने पर गहरा अफसोस जताते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि वह ऐसी कड़ी कार्रवाई के पक्ष में हैं कि “कोई भी इस बुराई को जारी रखने की हिम्मत नहीं कर सके।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी धर्म मादक पदार्थों के सेवन का उपदेश नहीं देता। अब्दुल्ला ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, ‘‘इस खतरे से हर माता-पिता और हर नागरिक को लड़ना होगा। उन्होंने इस संकट को हमेशा के लिए खत्म करने की खातिर एक संयुक्त राष्ट्रीय मोर्चे का आह्वान किया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि युद्ध कोई समाधान नहीं हैं और वे समस्याओं को हल करने के बजाय उन्हें बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका और इज़राइल के बीच संघर्ष जैसे वैश्विक संघर्षों से महंगाई आसमान छू रही है और दुनिया भर में गरीबी भी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज यूरोप को देखिए। समृद्ध देश भी भारी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस युद्ध के कारण अमेरिका की स्थिति भी अच्छी नहीं है।’’
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश

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