ईसाई संस्थाओं और गैर सरकारी संगठनों को निशाना बनाने के लिये किया जा रहा है एफसीआरए में संशोधन : खरगे
ईसाई संस्थाओं और गैर सरकारी संगठनों को निशाना बनाने के लिये किया जा रहा है एफसीआरए में संशोधन : खरगे
इडुक्की (केरल), पांच अप्रैल (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ईसाई संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और सार्वजनिक तथा सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाली नागरिक संस्थाओं पर हमला करने के लिए विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (एफसीआरए) में संशोधन करना चाहते हैं।
खरगे ने इडुक्की विधानसभा क्षेत्र में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की एक जनसभा में कहा कि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मोदी की असली मंशा को उजागर करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘यह कोई सुधार नहीं, बल्कि ईसाई संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों और नागरिक संस्थाओं पर हमला है।’’
उन्होंने दावा किया, “प्रधानमंत्री मोदी ईसाई संस्थानों में भय पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।”
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा 25 मार्च को लोकसभा में पेश किए गए एफसीआरए संशोधन विधेयक का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और विदेशी निधियों का उचित उपयोग सुनिश्चित करना है, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों के विरुद्ध उनके दुरुपयोग को रोकना है।
खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ‘स्वतंत्र’ नहीं हैं और प्रधानमंत्री मोदी के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि विजयन को मोदी नियंत्रित कर रहे हैं।
केरल विधानसभा चुनाव नौ अप्रैल को होंगे।
भाषा अमित दिलीप
दिलीप

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