एफसीआरए उल्लंघन: केरल सतर्कता ब्यूरो ने नेता प्रतिपक्ष सतीशन के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की
एफसीआरए उल्लंघन: केरल सतर्कता ब्यूरो ने नेता प्रतिपक्ष सतीशन के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की
तिरुवनंतपुरम, चार जनवरी (भाषा) केरल सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने पुनर्वास परियोजना ‘पुनर्जनी’ के सिलसिले में विदेश से धन जुटाने में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की सिफारिश की है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि वीएसीबी की सतीशन के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश वाली रिपोर्ट मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को सौंप दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सतर्कता विभाग ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की है।
इसमें कहा गया है कि सतीशन ने केंद्र सरकार से निजी यात्रा के लिए अनुमति लेकर विदेश यात्रा की और विदेश में कथित तौर पर धन जुटाया, जिसे बाद में केरल के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया गया।
घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीशन ने कहा कि वह इस मामले में निजी और राजनीतिक दोनों रूप से लड़ेंगे।
सूत्रों के अनुसार, सतर्कता विभाग की रिपोर्ट में एफसीआरए अधिनियम 2010 की धारा 3(2)(ए) के तहत सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है।
यह धारा भारत में रहने वाले किसी भी व्यक्ति या विदेश में रहने वाले किसी भारतीय नागरिक को किसी राजनीतिक दल की ओर से विदेशी अंशदान स्वीकार करने से प्रतिबंधित करती है।
सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट में सतीशन की ओर से विधायक के रूप में किए गए कथित एफसीआरए उल्लंघन का हवाला देते हुए यह भी सिफारिश की गई है कि विधानसभा अध्यक्ष उनके खिलाफ विधानसभा की प्रक्रिया नियमों के परिशिष्ट 2 के नियम 41 के तहत कार्रवाई शुरू करें।
वीएसीबी की जांच के निष्कर्षों के मुताबिक, ‘पुनर्जनी’ परियोजना के लिए मनप्पट्टू फाउंडेशन नामक एक संस्था बनाकर विदेश से धनराशि जुटाई गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन में कई लोगों से 22,500 पाउंड (लगभग 19.95 लाख रुपये) जुटाए गए और संस्था के खाते में स्थानांतरित किए गए।
वीएसीबी ने कहा कि संबंधित धनराशि ब्रिटेन स्थित गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) मिडलैंड इंटरनेशनल एड ट्रस्ट (एमआईएटी) के जरिये फाउंडेशन के एफसीआरए खाते में भेजी गई।
सूत्रों के मुताबिक, सतर्कता विभाग ने एक वीडियो की भी जांच की है, जिसमें सतीशन ब्रिटेन में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले लोगों से बाढ़ प्रभावित महिलाओं के पुनर्वास के वास्ते बुनाई मशीनें खरीदने के लिए कथित तौर पर 500-500 पाउंड का योगदान देने का अनुरोध करते दिखाई दे रहे हैं।
इस बीच, कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने सतीशन का पुरजोर समर्थन करते हुए उनके खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश करने के राज्य सरकार के कदम की कड़ी आलोचना की।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी नेता के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाली सरकार की राजनीतिक चाल करार दिया।
वहीं, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि यह बेकार की कोशिश है, क्योंकि राज्य सतर्कता विभाग को इसी तरह के आरोपों की पिछली जांच के दौरान सतीशन के खिलाफ कुछ भी नहीं मिला था।
रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन, बेनी बेहनन और शनिमोल उजमान सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी सतीशन के खिलाफ सतर्कता विभाग की सिफारिश को लेकर विजयन सरकार की कड़ी आलोचना की।
वहीं, वायनाड में जब संवाददाताओं ने सतीशन से इस घटनाक्रम पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कहा कि इस मामले में व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों रूप से लड़ेंगे।
सतीशन ने कहा कि उन्हें इस मामले में किसी तरह की रियायत या एहसान की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्हें मामले की सीबीआई जांच पर कोई आपत्ति नहीं है।
उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि यह मामला कानूनी तौर पर टिक नहीं पाएगा। अगर जनवरी में मेरे खिलाफ मुकदमा चलाने का इरादा है, जबकि मार्च में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होने की संभावना है, तो ऐसा होने दीजिए। मैं इसका राजनीतिक और कानूनी रूप से सामना करूंगा।”
सतीशन ने कहा कि सतर्कता विभाग ने पहले गहन जांच के बाद मामला बंद कर दिया था, क्योंकि जांचकर्ताओं को उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला था।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कुछ जांच अधिकारियों ने खुद उनसे कहा था कि उन्हें जांच के दौरान उनके (सतीशन) खिलाफ कुछ भी नहीं मिला।
सतीशन ने कहा, “इस मामले में जांच अधिकारियों ने कई रिपोर्ट पेश कीं। जांच अधिकारियों ने मुझे जो बताया, उसे मैं आज भी गर्व से याद रखता हूं। मैं इस मामले को सीबीआई को सौंपने का विरोध नहीं करूंगा और न ही मुख्यमंत्री से कहूंगा कि वह मेरी मदद करें।”
सतीशन ने राज्य सरकार पर विधानसभा चुनाव नजदीक आने के कारण जानबूझकर इस मामले को उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जो चाहे कर सकती है और वह इससे कानूनी और राजनीतिक रूप से लड़ेंगे।
भाषा पारुल नरेश
नरेश

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