बदरीनाथ में वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में निलंबित कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

बदरीनाथ में वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में निलंबित कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

बदरीनाथ में वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में निलंबित कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
Modified Date: July 8, 2026 / 04:58 pm IST
Published Date: July 8, 2026 4:58 pm IST

देहरादून, आठ जुलाई (भाषा) उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में निलंबित श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस ने बुधवार को बताया कि बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय में निजी सहायक रहे प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मंगलवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई।

इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को ‘गोहत्या’ जैसा पाप बताते हुए कहा दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

बीकेटीसी द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति की प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि के बाद नौटियाल को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया था और कुछ घंटों के बाद ही उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

बीकेटीसी की ओर से बदरीनाथ थाने में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि दो जुलाई को सोशल मीडिया पर सामने आईं कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए गठित समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया इस बात की पुष्टि हुई थी कि नौटियाल मंदिर का पैसा अपने साथ ले गया था।

नौटियाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 306 (किसी कर्मचारी द्वारा अपने नियोक्ता की संपत्ति की चोरी करना) और 316 (5) (विशिष्ट न्यासियों द्वारा किए गए आपराधिक विश्वासघात) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंगलवार को गढ़वाल के आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम गठित की गई है।

प्रदेश के पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उच्चस्तरीय समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करके 15 दिन में रिपोर्ट पेश करेगी।

इस बीच, हरिद्वार में धामी ने कहा कि मामले की जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा औेर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के लिए समिति बना दी गयी है और पुलिस के समक्ष भी रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है।

उन्होंने कहा, “यह गोहत्या जैसा पाप है। जिस तरह कोई मां-बाप की हत्या कर देता है, यह उसी तरह का एक महापाप है। यह क्षमायोग्य नहीं है और कानून अपना काम करेगा।”

मंदिर के प्रबंधन में बदलाव की जरूरत के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चस्तरीय जांच समिति को यह बताने के लिए कहा गया है कि चीजों को कैसे सुव्यवस्थित किया जाए।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद अब बदरीनाथ धाम में भी ऐसे आरोप सामने आने के बाद कांग्रेस हमलावर है।

कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूरे मामले की न्यायिक जांच या फिर विधानसभा की संयुक्त समिति से जांच कराए जाने की मांग की।

उन्होंने कहा, “जिस प्रकार राम मंदिर में सनातन धर्म के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ, उसी प्रकार अब बदरीनाथ धाम में भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। मंदिर में चोरी, बहुमूल्य रत्नों, आभूषणों तथा चढ़ावे में कथित अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप सत्ता प्रतिष्ठान द्वारा नियुक्त लोगों पर लगे हैं।”

गोदियाल ने कहा, “मैं मांग करता हूं कि पूरे मामले की न्यायिक जांच करायी जाए या विधानसभा की संयुक्त समिति इसकी जांच करे।”

भाषा दीप्ति जोहेब

जोहेब


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