केरल की एकमात्र जनजातीय पंचायत में राशन अनियमितता, खाद्य आयोग ने निरीक्षण किया
केरल की एकमात्र जनजातीय पंचायत में राशन अनियमितता, खाद्य आयोग ने निरीक्षण किया
इडुक्की (केरल), 19 अप्रैल (भाषा) केरल खाद्य आयोग ने राज्य की एकमात्र जनजातीय पंचायत एडामलक्कुडी में राशन वितरण में गंभीर अनियमितताओं को उजागर करते हुए एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
आयोग ने अपनी रिपोर्ट में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है।
केरल के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मुन्नार से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित एडामलक्कुडी पंचायत क्षेत्र में मुख्य रूप से मुथुवन जनजाति के लोग रहते हैं।
राज्य सरकार की ओर से रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक खाद्य आयोग के अध्यक्ष गिनू जाचरिया ओमन ने शनिवार को देविकुलम तालुक के सुदूर पंचायत में राशन की दुकानों का निरीक्षण किया। उन्होंने यह कार्रवाई लाभार्थियों द्वारा आपूर्ति में अनियमितता की शिकायत के बाद की।
बयान के मुताबिक अपने दौरे के दौरान आयोग ने गिरिजन सर्विस कोऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा संचालित राशन की दुकानों का निरीक्षण किया और विभिन्न बस्तियों में स्थानीय लोगों से सीधी बात की।
नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा की गई शुरुआती जांच में 65 मीट्रिक टन खाद्यान्न की कमी की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद इडुक्की के जिलाधिकारी ने विस्तृत जांच शुरू की।
ओमन ने ‘पीटीआई-भाषा’से कहा, ‘‘इससे पहले, जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) ने सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें चावल की आपूर्ति और वितरण में भारी अनियमितता का उल्लेख किया गया था। हमने उस रिपोर्ट के आधार पर मौके का मुआयना किया।’’
आयोग ने राशन की दुकानों के लाइसेंसधारक, गिरिजन सेवा सहकारी समिति के सचिव को इन खामियों के लिए जिम्मेदार ठहराया। साथ ही रिपोर्ट में जिला आपूर्ति अधिकारी, देविकुलम तालुक के आपूर्ति अधिकारी और राशनिंग निरीक्षकों सहित नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों द्वारा गंभीर लापरवाही बरते जाने का इशारा किया गया है।
आयोग ने कहा कि वह लाइसेंसधारक और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 के तहत कार्यवाही की सिफारिश करेगा।
इसमें यह भी निर्देश दिया गया कि फरवरी 2026 से प्रभारी रहे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
भाषा
धीरज नरेश
नरेश

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