फॉरेंसिक रिपोर्ट से पता चला कि आपत्तिजनक वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री मान नहीं : ‘आप’
फॉरेंसिक रिपोर्ट से पता चला कि आपत्तिजनक वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री मान नहीं : ‘आप’
चंडीगढ़, 18 जून (भाषा) एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर अकाल तख्त द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘गुरु दोखी’ घोषित किए जाने के कुछ दिन बाद आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई ने बृहस्पतिवार को कहा कि दो प्रयोगशालाओं की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट से पता चला कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मान नहीं, बल्कि कोई और है।
पंजाब की सत्ताधारी पार्टी ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) पर मान को बदनाम करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया।
यहां मीडिया से बातचीत में राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिअद पर मान को बदनाम करने का आरोप लगाया और कहा कि ‘फर्जी’ वीडियो बनाने और उसे फैलाने के लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी, व्यापक जांच की जाएगी और उन्हें सजा दिलाई जाएगी।
‘आप’ के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक गौरव यादव से भी मुलाकात की और इस पूरी ‘साजिश’ के पीछे के लोगों का पर्दाफाश करने के लिए जांच की मांग की।
अकाल तख्त ने सोमवार को इस वीडियो को लेकर मान को ‘गुरु दोखी’ (गुरु द्रोही) और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया था।
इस आदेश से पहले अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने दावा किया था कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को दो फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं ने ‘‘असली’’ पाया है। वीडियो में कथित तौर पर मान से मिलता-जुलता एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है।
जत्थेदार ने कहा था कि वीडियो से न तो छेड़छाड़ की गई और न ही इसे कृत्रिम मेधा (एआई) की मदद से बनाया गया।
मान ने वीडियो को खारिज करते हुए इसे उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से किया गया दुष्प्रचार बताया था।
चीमा ने शिअद पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ‘‘साजिश रचने में माहिर’’ है।
मंत्री ने कहा, ‘‘जब से बेअदबी विरोधी कानून लागू करने के लिए बातचीत शुरू हुई है, तभी से भगवंत मान को निशाना बनाया जा रहा है। कोई न कोई साजिश रची जा रही है।’’
चीमा ने दो फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट पेश करते हुए दावा किया कि कथित बेअदबी वाले वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मान नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘इन दोनों प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट में चेहरे की पहचान, मान के कद, शारीरिक मुद्रा, चलने और खड़े होने के ढंग समेत 1,191 अलग-अलग कोण का गहन विश्लेषण किया गया है।’’
चीमा ने कहा, ‘‘इससे पता चलता है कि फर्जी वीडियो में दिख रहा व्यक्ति भगवंत मान से मेल नहीं खाता।’’
उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो मान को बदनाम करने के लिए किसी अभिनेता की मदद से बनाया गया।
चीमा ने कहा कि दोनों प्रयोगशालाएं स्वतंत्र हैं, पंजाब के बाहर स्थित हैं और भारत सरकार से मान्यता प्राप्त हैं।
चीमा ने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की लंबाई लगभग पांच फुट दस इंच आंकी गई थी, जबकि मान की लंबाई पांच फुट आठ इंच है।
उन्होंने कहा कि शरीर की बनावट, कंधों का संरेखण, चेहरे संबंधी विशेषताएं और खड़े होने के तरीके में भी काफी अंतर पाया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे पता चलता है कि फर्जी वीडियो भगवंत मान से मेल नहीं खाता है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए एक अभिनेता का इस्तेमाल करके यह वीडियो बनाया गया था।
इससे पहले ‘आप’ नेता बलतेज सिंह पन्नू ने कहा था कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस महानिदेशक गौरव यादव से मुलाकात कर इस पूरी ‘‘साजिश’’ में शामिल लोगों का पर्दाफाश करने के लिए जांच की मांग करेगा।
यह मामला इस साल जनवरी में अकाल तख्त (सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था) द्वारा मान को तलब किए जाने से जुड़ा है। मान पर पर ‘गुरु की गोलक’ (गुरुद्वारे का दान पात्र) के बारे में कथित तौर पर टिप्पणी करने और एक वीडियो क्लिप में सिख गुरुओं व मारे गए उग्रवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ ‘आपत्तिजनक गतिविधियों’ में शामिल होने का आरोप था। उनके खिलाफ आदेश जारी होने के बाद से ही विपक्षी दल मान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
अकाली दल पर निशाना साधते हुए चीमा ने कहा कि राजनीतिक बढ़त के लिए धार्मिक मुद्दों से ‘फायदा उठाने’ का उसका लंबा और दुर्भाग्यपूर्ण इतिहास रहा है, जबकि वह बार-बार पंथ की पवित्रता की रक्षा करने में नाकाम रही है।
भाषा संतोष अविनाश
अविनाश

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