पूर्व मुख्यमंत्री, नगाओं की शीर्ष संस्था ने चार नागरिकों की हत्या की निंदा की

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पूर्व मुख्यमंत्री, नगाओं की शीर्ष संस्था ने चार नागरिकों की हत्या की निंदा की

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 07:52 PM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 07:52 PM IST

इंफाल, 27 अगस्त (भाषा) मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और राज्य में नगाओं की शीर्ष संस्था ने बृहस्पतिवार को कांगपोकपी जिले में घात लगाकर किए गए हमले में चार नगा नागरिकों की मौत की अलग-अलग निंदा की।

सिंह ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की जबकि ‘यूनाइटेड नगा काउंसिल’ (यूएनसी) ने दो कुकी उग्रवादी संगठनों पर इस हमले में लिप्त रहने का आरोप लगाया।

अधिकारियों ने बताया कि मकुई अशांग और थाबंबा नगा इलाकों के बीच एक सुनसान जगह पर सुबह करीब साढ़े आठ बजे उग्रवादियों ने घात लगाकर एक गाड़ी पर हमला किया जिसमें चार लोग मारे गये एवं एक व्यक्ति घायल हो गया।

सिंह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज कांगपोकपी जिले में आईटी रोड पर संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने नगा नागरिकों की हत्या कर दी। कोई ठोस कार्रवाई होने से पहले और कितनी बेगुनाह जानें जाएंगी?’’

भाजपा नेता सिंह ने यह भी कहा कि जो लोग नहीं चाहते हैं कि शांति बनी रहे, वे अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, हथियारों से लैस हैं और उनके हौसले बुलंद हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ़ निंदा करने, आश्वासन देने और बातों से काम नहीं चलेगा। अब गंभीर, साफ तौर पर दिखने वाली और तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें सजा मिलनी चाहिए।’’

चार नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए यूएनसी ने इन हमलों के पीछे कुकी उग्रवादी संगठनों — कुकी नेशनल फ्रंट (पी) और कुकी रिवोल्यूशनरी आर्मी (केआरए) का हाथ होने का आरोप लगाया।

यूएनसी ने एक बयान में कहा कि ‘‘पहले से सोच-समझकर की गयी कायरतापूर्ण हरकत’ के कारण चार नगा लोगों की दुखद मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

इन मौतों के लिए ‘‘पूरी तरह से सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी’ को जिम्मेदार ठहराते हुए यूएनसी ने शुक्रवार को राज्य के सभी नगा इलाकों में सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक एक दिन के बंद की घोषणा की।

मकुई ग्राम प्राधिकरण ने भी चार लोगों की हत्या की निंदा की और कांगपोकपी ज़िले में नगा नागरिकों की सुरक्षा के लिए राज्य और केंद्र सरकारों से पूरी ज़िम्मेदारी लेने एवं दोषियों को गिरफ़्तार करने की मांग की।

मई 2023 से मणिपुर में घाटी में रहने वाले मेईती और पहाड़ी ज़िलों में रहने वाले कुकी लोगों के बीच जातीय हिंसा के कारण कम से कम 260 लोग मारे गए हैं और हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं।

लगातार जातीय टकराव जारी रहने और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफा दे देने के बाद, 13 फरवरी 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। लगभग एक साल बाद चार फरवरी को राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया।

शुरुआत में, नगा समुदाय मेइती और कुकी समुदायों के बीच हुई झड़पों से दूर रहा। हालांकि, इस साल हालात बदल गए और वे भी हिंसा की चपेट में आ गए।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश