माकपा के पूर्व नेता सुधाकरन ने आरोप लगाया कि चेरियन ने चेंगन्नूर में भाजपा के साथ समझौता किया

माकपा के पूर्व नेता सुधाकरन ने आरोप लगाया कि चेरियन ने चेंगन्नूर में भाजपा के साथ समझौता किया

माकपा के पूर्व नेता सुधाकरन ने आरोप लगाया कि चेरियन ने चेंगन्नूर में भाजपा के साथ समझौता किया
Modified Date: April 4, 2026 / 05:05 pm IST
Published Date: April 4, 2026 5:05 pm IST

अलप्पुझा, चार अप्रैल (भाषा) संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व नेता जी सुधाकरन ने शनिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कैबिनेट सहयोगी साजी चेरियन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ समझौता किया है।

सुधाकरन ने यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन दावों को खारिज कर दिया कि विजयन ने उनके राजनीतिक जीवन में मदद की थी।

उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था, तब विजयन त्रावणकोर क्षेत्र में बहुत मशहूर नहीं थे।

उन्होंने कहा, “1967 में किसी ने भी विजयन को नहीं देखा था और न ही कोई उन्हें जानता था। वह केवल कन्नूर के थलस्सेरी में एक नेता थे।”

सुधाकरन ने बताया कि वे 15 वर्ष की आयु से ही पार्टी में थे और उनके विकास में विजयन का सहयोग नहीं है।

उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि उन्होंने यूडीएफ के समर्थन से चुनाव लड़कर अपने भाई जी भुवनेश्वरन की विरासत की उपेक्षा की है।

उन्होंने कहा, ‘भुवनेश्वरन के मामले में, विजयन के नेतृत्व में लोगों द्वारा कोई पैसा नहीं दिया गया था। हमने इसके लिए पेड़ बेचे थे।’

सुधाकरन ने 1970 के दशक में कांग्रेस के छात्र संगठन केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) के साथ कथित राजनीतिक झड़प में अपने छोटे भाई भुवनेश्वरन को खो दिया था।

सुधाकरन ने वाम लोकतान्त्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के उन आरोपों का खंडन किया कि उन्होंने अंबलपुझा में कोई ‘समझौता’ किया है, जहां वह नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में चुनाव लड़ रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘मैंने अपने जीवन में, किसी भी चुनाव में, भाजपा के साथ कभी कोई बातचीत नहीं की है और न ही कभी करूंगा। लेकिन विजयन के खास आदमी और जिला एवं राज्य सचिवालय के सदस्य साजी चेरियन ने भाजपा के साथ सौदा किया है।’

मत्स्य पालन मंत्री चेरियन अलाप्पुझा जिले की चेंगन्नूर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि चेंगन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 10 पंचायतों में से सात पर पहले माकपा के प्रमुख काबिज थे।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘स्थानीय निकाय चुनावों के बाद, माकपा के पास केवल दो पंचायत अध्यक्ष हैं, जबकि भाजपा के पास चेरियन द्वारा प्रायोजित पांच पंचायत अध्यक्ष हैं।’

सुधाकरन ने दावा किया कि चेरियन का कथित सौदा विधानसभा चुनाव में भाजपा के वोट हासिल करने के उद्देश्य से किया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि चुनाव प्रचार के दौरान चेरियन के कथित भ्रष्टाचार को उजागर किया गया, तो वह चेंगन्नूर निर्वाचन क्षेत्र से हार जाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘चेरियन का इलाका रेत माफिया और रियल एस्टेट कारोबारियों का अड्डा बन गया है। उन्होंने करोड़ों रूपये की संपत्ति जमा कर ली है।’

भाषा तान्या माधव

माधव


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