टीडीबी के पूर्व प्रमुख प्रशांत ने शबरिमला सोना चोरी मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया
टीडीबी के पूर्व प्रमुख प्रशांत ने शबरिमला सोना चोरी मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया
तिरुवनंतपुरम, दो जुलाई (भाषा) त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष पी. एस. प्रशांत ने बृहस्पतिवार को उन आरोपों से इनकार किया कि उनके नेतृत्व वाले बोर्ड ने शबरिमला सोना चोरी मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ साठगांठ की। आरोप है कि बोर्ड ने वर्ष 2025 में मंदिर के आभूषणों और धातु कलाकृतियों पर दोबारा सोने की परत चढ़ाने की साजिश रची थी।
उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है जब 2019 में श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाज़ों और द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों से सोना गायब होने से जुड़े दो मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने केरल उच्च न्यायालय को बताया कि प्रशांत के नेतृत्व वाले बोर्ड के खिलाफ सबूत मिले हैं। ये सबूत 2025 में कलाकृतियों पर दोबारा सोने की परत चढ़ाने के काम से जुड़े हैं।
इसके बाद उच्च न्यायालय ने एसआईटी को निर्देश दिया कि वह या तो नया मामला दर्ज करे या फिर द्वारपालक मूर्तियों से कथित तौर पर सोना गायब होने के मामले में प्रशांत और टीडीबी के तत्कालीन सदस्यों की भूमिका की जांच करे।
यहां पत्रकारों से बातचीत में प्रशांत ने कहा कि उनके नेतृत्व में बोर्ड ने नवंबर 2023 में कामकाज संभाला था। उन्होंने कहा, ‘‘उससे पांच महीने पहले, 15 जून 2023 को टीडीबी के कार्यकारी अधिकारी को तंत्री से एक पत्र मिला था, जिसमें बताया गया था कि द्वारपालक और गणपति की मूर्तियों में कुछ कमियां हैं। मरम्मत से जुड़ी फ़ाइल तभी खोल दी गई थी।’’
प्रशांत ने कहा कि द्वारपालक मूर्तियों से जुड़ा मामला बोर्ड के सामने 2024 में आया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें 2019 में दोबारा परत चढ़ाने के बारे में तब पता चला जब उससे जुड़ी फाइल 2025 में अदालत के सामने पेश की गईं। 2024 में, पोट्टी ने द्वारपालक मूर्तियों की इलेक्ट्रोप्लेटिंग कराने का अनुरोध किया। कार्यकारी अधिकारी ने प्रस्ताव दिया कि सोने की परत वाली प्लेट इस काम के लिए पोट्टी को सौंप दी जाएं, लेकिन बोर्ड ने उस प्रस्ताव को मंज़ूरी नहीं दी।’’
प्रशांत ने कहा कि उन्हें 2019 में परत चढ़ाने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘‘2025 में जांच शुरू होने के बाद ही हमें पता चला कि 2019 में परत चढ़ाई गई थी और एक वारंटी कार्ड जारी किया गया था।’’
प्रशांत ने कहा कि कुछ अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर एकमात्र चूक यह थी कि उन्होंने 2025 में होने वाले काम के लिए सोने की परत चढ़ी प्लेट को चेन्नई भेजने से पहले केरल उच्च न्यायालय को सूचित नहीं किया।
प्रशांत ने कहा कि उन्होंने एसआईटी के सामने बयान दर्ज कराया है और वह जांच में सहयोग करना जारी रखेंगे।
शबरिमला में सोना चोरी का मामला सामने आने के बाद, टीडीबी अध्यक्ष प्रशांत की जगह बाद में के. जयकुमार को नियुक्त किया गया था।
भाषा आशीष रंजन
रंजन

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