ओडिशा में जनगणना कार्य कर रहे चार कर्मियों पर परिवार का हमला

ओडिशा में जनगणना कार्य कर रहे चार कर्मियों पर परिवार का हमला

ओडिशा में जनगणना कार्य कर रहे चार कर्मियों पर परिवार का हमला
Modified Date: April 22, 2026 / 10:27 pm IST
Published Date: April 22, 2026 10:27 pm IST

भुवनेश्वर, 22 अप्रैल (भाषा) ओडिशा के ढेंकनाल जिले में बुधवार को दो महिलाओं सहित चार जनगणना कर्मियों पर एक परिवार के सदस्यों ने हमला कर दिया। जनगणना कर्मियों ने घर की सूची बनाने और आवास गणना के लिए परिवार के परिसर में प्रवेश किया था। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।

खुर्दा जिले में एक अन्य घटना में, एक महिला जनगणनाकर्मी को एक व्यक्ति ने इसी उद्देश्य से उसके घर पहुंचने पर धमकी दी।

राज्य सरकार ने इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वह जनगणना कर्मियों को शारीरिक नुकसान और गर्मी से संबंधित जोखिमों से बचाने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करेगी।

पहली घटना सुबह कामाख्यानगर अधिसूचित क्षेत्र परिषद (एनएसी) के महिमानगर इलाके में तब हुई जब कर्मी 16 अप्रैल से शुरू हुई जनगणना प्रक्रिया के तहत इलाके में आंकड़े एकत्र करने पहुंचे थे।

कामाख्यानगर के उप-कलेक्टर दिनामणि नायक ने कहा, ‘‘एक पुरुष और उसके दो बेटों सहित तीन व्यक्तियों द्वारा किए गए हमले में हमारे जनगणना विभाग के चार कर्मचारी घायल हो गए। पुलिस घटना की जांच कर रही है और हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’

उन्होंने बताया कि घटना के बाद दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया गया है।

जनगणना कर्मियों ने आरोप लगाया कि जैसे ही वे उस परिवार के घर में दाखिल हुए, परिवार वालों ने उन पर हमला कर दिया। हालांकि, उन्हें आधिकारिक पहचान पत्र दिखाए गए थे।

टीम की सदस्य मधुस्मिता बेहरा के अनुसार, ‘‘उन्होंने पूछा कि हम उनके परिसर में क्यों आए हैं? पहचान पत्र दिखाने और उद्देश्य बताने के बावजूद, उन्होंने हम पर पथराव किया। मेरे चेहरे पर चोटें आईं और मेरे दोपहिया वाहन को भी नुकसान पहुंचा।’’

वहीं, एक अन्य कर्मी रघुनाथ दीक्षित ने आरोप लगाया कि परिवार ने बिना किसी कारण उन पर हमला किया और गालियां दी। दीक्षित ने बताया कि उनकी उंगली में चोट आई है।

राज्य सरकार को मिली एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, जनगणना के लिए आंकड़े जुटाने के उद्देश्य से तंगी एनएसी क्षेत्र के गोविंदपुर साही स्थित एक घर पहुंचने पर एक महिला शिक्षिका उलासिनी देई को एक व्यक्ति ने धमकाया।

दोनों घटनाओं की जानकारी सामने आने के बाद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने विभाग और जनगणना निदेशालय के अधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग राज्य में जनगणना कार्यों का नोडल विभाग है।

मंत्री ने कहा, “हमने इस मामले को गंभीरता से लिया है और मैं जनगणना अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक से इस पर चर्चा करूंगा।”

पुजारी ने बताया कि 15 मई तक चलने वाले जनगणना के पहले चरण में एक लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।

ओडिशा के जनगणना संचालन निदेशक निखिल पवन कल्याण ने कहा, “हम इस बात का विशेष ध्यान रखेंगे कि राज्य में कहीं भी ऐसी घटना न हो। मैं सभी जिला कलेक्टर से बात करूंगा और यह सुनिश्चित करूंगा कि जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को उचित सम्मान मिले।”

मंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में उपस्थित कल्याण ने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना कार्य के लिए उनके घरों में जा रहे कर्मियों के साथ सहयोग करें।

मंत्री ने कहा कि जनगणना कर्मी राज्य में भीषण गर्मी का भी सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सलाह दी गई है कि वे पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक, यानी भीषण गर्मी के दौरान, घर-घर जाकर जनगणना न करें।

पुजारी ने कहा कि विभाग सुरक्षा उपायों, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल और विभागों के बीच समन्वय को रेखांकित करते हुए विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगा।

उन्होंने कहा कि मानक संचालन (एसओपी) का उद्देश्य जनगणना कार्यों को सुचारू रूप से क्रियान्वित करना और कर्मियों को शारीरिक क्षति और गर्मी से संबंधित जोखिमों से बचाना है।

इस बीच, राजस्व और आपदा प्रबंधन के अतिरिक्त मुख्य सचिव, अरविंद पाढ़ी ने सभी जिलों के कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा कि जनगणना के दौरान प्रक्रिया में संलग्न कर्मियों की सुरक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए।

पाढ़ी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में, सोनपुर जिले में जनगणना कार्य से लौटने के बाद कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से एक कर्मी की मृत्यु हो गई, जबकि मयूरभंज जिले में एक महिला जनगणना कर्मी लापता हो गई।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, बालासोर जिले से तीन मामूली दुर्घटनाएं और लू लगने के मामले सामने आए हैं, जबकि राउरकेला से एक दुर्घटना की सूचना मिली है।

पाढ़ी ने सभी जिलों के कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा, “उपरोक्त स्थिति को देखते हुए, आपसे अनुरोध है कि गर्मी से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक व्यवस्था करें। जनगणना के लिए आंकड़े एकत्र करते समय खतरों की पहचान करें और कर्मियों की सुरक्षा और सुचारू डेटा संग्रह के लिए नियमित रूप से उनकी निगरानी करें।’’

भाषा अमित धीरज

धीरज


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