ओडिशा में पाठ्यपुस्तकों में बड़े पैमाने पर त्रुटियां मिलने पर चार वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

ओडिशा में पाठ्यपुस्तकों में बड़े पैमाने पर त्रुटियां मिलने पर चार वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

ओडिशा में पाठ्यपुस्तकों में बड़े पैमाने पर त्रुटियां मिलने पर चार वरिष्ठ अधिकारी निलंबित
Modified Date: June 26, 2026 / 06:36 pm IST
Published Date: June 26, 2026 6:36 pm IST

भुवनेश्वर, 26 जून (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पहली से आठवीं कक्षाओं तक की नयी प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों में बड़े पैमाने पर त्रुटियां पाये जाने के बाद शुक्रवार को शिक्षक शिक्षा निदेशालय और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के पूर्व निदेशक समेत चार वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया।

विकास आयुक्त डी के सिंह की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

निलंबित अधिकारियों में शिक्षक शिक्षा निदेशालय एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के पूर्व निदेशक मनोज पाढ़ी के अलावा सहायक निदेशक पद पर कार्यरत प्रलिप्ता मिश्रा, दिलीप कुमार साहू और भारती टुडु शामिल हैं।

पाढ़ी फिलहाल स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग में विशेष सचिव हैं।

छह सहायक निदेशकों– वंदिता पटनायक, मानस रंजन राउत, विनोद महपात्रा, प्रशांत कुमार साहू, मानस कुमार नायक और सुदर्शन संथारा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की गई है।

समिति ने पाठ्यपुस्तक तैयार करने की प्रक्रिया में सुधार और भविष्य में ऐसी त्रुटियों को रोकने के लिए 14 सूत्री कार्ययोजना की भी सिफारिश की है।

नयी पाठ्यपुस्तकों में 1,600 से अधिक स्थानों पर तथ्यात्मक गलतियां पाये जाने के बाद उनकी व्यापक आलोचना हुई थी।

इन त्रुटियों में आइजैक न्यूटन को पायलट बताना, हम्पी मंदिर को कोणार्क सूर्य मंदिर के रूप में दर्शाया जाना तथा ओडिशा के संदर्भ में अन्य राज्यों के स्मारकों की तस्वीरों का उपयोग शामिल था।

इन गलतियों को लेकर शिक्षकों, अभिभावकों और आम लोगों में चिंता पैदा हो गई क्योंकि नये शैक्षणिक सत्र की आरंभ हो गयी है। ये पाठ्यपुस्तकें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम संशोधन के तहत शिक्षक शिक्षा निदेशालय और एससीईआरटी द्वारा तैयार की गई थीं।

अधिकारियों के अनुसार, जांच समिति ने पाया कि पाठ्यपुस्तकों की तैयारी और छपाई के दौरान सामग्री की समीक्षा, तथ्यों के सत्यापन और गुणवत्ता नियंत्रण में गंभीर चूक हुई।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए कहा कि एससीईआरटी एक ‘मास्टर एराटा रजिस्टर’ रखेगा और प्रत्येक विद्यार्थी को संशोधित सामग्री की प्रति उपलब्ध कराई जाएगी।

पाठ्यपुस्तक निर्माण प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए एससीईआरटी में एक ‘गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ’ भी स्थापित किया जाएगा।

सीएमओ ने कहा कि भविष्य में भाषा, चित्रों, आंकड़ों और मुद्रण गुणवत्ता की अनिवार्य मंजूरी के बिना किसी भी पाठ्यपुस्तक को छपाई के लिए नहीं भेजा जाएगा।

भाषा अमित राजकुमार

राजकुमार


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