शह मात The Big Debate: मोहर्रम पर क्यों बरपा हंगामा? कहीं ब्लास्ट, कहीं बलवा.. पर्व पर अशांति की हवा! क्या प्रशासन की तैयारी में रह गई कोई कमी?

मोहर्रम पर क्यों बरपा हंगामा? कहीं ब्लास्ट, कहीं बलवा.. पर्व पर अशांति की हवा! Chaos erupts in Madhya Pradesh on the occasion of Muharram

शह मात The Big Debate: मोहर्रम पर क्यों बरपा हंगामा? कहीं ब्लास्ट, कहीं बलवा.. पर्व पर अशांति की हवा! क्या प्रशासन की तैयारी में रह गई कोई कमी?

MP News

Modified Date: June 26, 2026 / 11:43 pm IST
Published Date: June 26, 2026 11:17 pm IST

भोपालः MP News मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मोहर्रम के जुलूस के दौरान हुए हंगामे, मारपीट और धमाकों के चलते सूबे की सियासी तपिश एक बार फिर बढ़ गई है। दरअसल, उज्जैन के बड़नगर के अडान मोहल्ले में मोहर्रम के जुलूस के दौरान मुस्लिमों की भीड़ ने एक वैन को क्रेन में करीब 40 फीट ऊपर लटकाया और इसके बाद जोरदार धमाका किया। साथ ही ये लिखा गया कि – लो हम आ गए। मामले में पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। वहीं इंदौर के राजवाड़ा में मोहर्रम के दौरान 2 गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। ऐसे ही हालात धार में भी बने जहां ताजिया कमेटी के दो गुटों के बीच विवाद हुआ.. कुछ लोगों ने एक युवक की जमकर पिटाई की तो रतलाम के हतनारा गांव में मोहर्रम जुलूस के दौरान हाईटेंशन लाइन से ताजिया टकरा गया। 2 की मौत हो गई। 10 लोग झुलस गए।

MP News  इधर मोहर्रम पर उज्जैन से लेकर अलग-अलग इलाकों पर हुए बवाल को लेकर सियासी उबाल भी आ गया। बीजेपी ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए दिल्ली कार ब्लास्ट से जोड़ा और आरोपियों के खिलाफ रासुका लगाने की मांग की। वहीं कांग्रेस ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर जमकर निशाना साधा।

कुलमिलाकर मोहर्रम इस्लाम में मातमी त्योहार माना जाता है। ऐसे में सवाल ये कि- कार में ब्लास्ट कर मजहबी शक्ति प्रदर्शन करने के पीछे की मंशा क्या थी? सवाल ये भी कि- संगठित भीड़ के जरिए क्या कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिशें की जा रही हैं? सवाल ये कि इन धमाकों और विवादों के जरिए क्या बहुसंख्यक समाज को प्रोवोक किया जा रहा है? सवाल ये कि सुनियोजित साजिश और आतंकवादियों से जोड़ने वाले बीजेपी के आरोपों में कितना दम है? सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या ये घटनाएं पुलिस, प्रशासन और इंटेलीजेंस का FAILURE हैं?

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।