पेरियार से लेकर करुणानिधि, स्टालिन सभी ने महिला अधिकारों का समर्थन किया: द्रमुक

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पेरियार से लेकर करुणानिधि, स्टालिन सभी ने महिला अधिकारों का समर्थन किया: द्रमुक

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  • Publish Date - March 25, 2026 / 04:00 PM IST,
    Updated On - March 25, 2026 / 04:00 PM IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम् (द्रमुक) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर पलटवार करते हुए बुधवार को लोकसभा में कहा कि तमिलनाडु के और पार्टी के प्रमुख नेता हमेशा महिला अधिकारों के पक्षधर रहे हैं।

द्रमुक सांसद कलानिधि वीरास्वामी ने सदन में ‘दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025’ पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि तमिलनाडु हमेशा से महिला अधिकारों का पैरोकार रहा है।

उनका कहना था, ‘‘चाहे पेरियार रहे हों, करुणानिधि रहे हों या फिर हमारे वर्तमान मुख्यमंत्री स्टालिन, सभी महिला अधिकारों और सशक्तीकरण के पक्षधर रहे हैं। यह स्पष्ट होना चाहिए।’’

इससे पहले, वित्त मंत्री सीतारमण ने सदन में वित्त विधेयक, 2026 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बयान का उल्लेख किया और कहा कि द्रमुक सरकार महिलाओं के खिलाफ है और इस बार महिलाओं का समर्थन उसे नहीं मिलेगा।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने मंगलवार को केंद्र से जून में संसद का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया ताकि परिसीमन, सीट वृद्धि और राज्यों के प्रतिनिधित्व के वर्तमान हिस्से को तीस वर्षों तक जारी रखने की गारंटी के लिए संवैधानिक संशोधन पारित किए जा सके।

महिला आरक्षण को 2011 की जनगणना के आधार पर लागू करने की तैयारी संबंधी खबरों को लेकर स्टालिन ने कहा था, ‘‘यह कदम संविधान (128वां संशोधन) विधेयक 2023 के अनुरूप नहीं है, जिसे केंद्र की भाजपा सरकार ने पारित किया था और न ही यह उनके उस पहले के रुख के अनुरूप है जिसमें कहा गया था कि इस ऐतिहासिक पहल को केवल 2026 के बाद कराई जाने वाली जनगणना के आधार पर परिसीमन होने के बाद ही लागू किया जाएगा।’’

भाषा हक

हक वैभव

वैभव