राजनीति का भविष्य ‘मैं’ नहीं बल्कि ‘हम’ में निहित है : सुजाता राउत
राजनीति का भविष्य ‘मैं’ नहीं बल्कि ‘हम’ में निहित है : सुजाता राउत
भुवनेश्वर, 26 जून (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) में शामिल होने के एक दिन बाद पूर्व नौकरशाह वी. के. पांडियन की पत्नी और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की पूर्व अधिकारी सुजाता राउत कार्तिकेयन ने शुक्रवार को कहा कि राजनीति का भविष्य ‘‘मैं’’ नहीं बल्कि ‘‘हम’’ में निहित है और उन्होंने टीम भावना तथा साझा जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया।
ओडिशा कैडर की 2000 बैच की आईएएस अधिकारी रहीं सुजाता ने 13 मार्च 2025 को अखिल भारतीय सेवा से इस्तीफा देने के एक वर्ष से अधिक समय बाद बृहस्पतिवार को सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने अपने पति वी. के. पांडियन के पदचिह्नों पर चलते हुए राजनीति में कदम रखा। पांडियन ने अक्टूबर 2023 में सिविल सेवा से इस्तीफा दिया था और उसके अगले महीने बीजद में शामिल हो गए थे।
हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी रहे पांडियन ने 2024 के लोकसभा और ओडिशा विधानसभा चुनावों में बीजद की हार के बाद नौ जून 2024 को सक्रिय राजनीति से खुद को अलग कर लिया था।
पटनायक ने सुजाता को पार्टी में शामिल कराते समय उन्हें ‘‘एक साधारण सदस्य’’ बताया था। सुजाता ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपनी राजनीतिक सोच को सामने रखा।
उन्होंने लिखा, ‘‘‘मैं’ और ‘हम’ के बीच का अंतर केवल एक शब्द का नहीं, बल्कि राजनीति के दर्शन का है। ‘मैं’ व्यक्ति पूजा को बढ़ावा देता है, व्यक्तिगत श्रेय चाहता है और सत्ता को कुछ लोगों तक सीमित कर देता है। ‘हम’ सामूहिक कार्य को महत्व देता है, जिम्मेदारियों को साझा करता है और राजनीति से पहले जनता को रखता है। भविष्य ‘हम’ की राजनीति का है, ‘मैं’ की राजनीति का नहीं।’’
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके शब्दों का चयन संभवतः उन पार्टी नेताओं को आश्वस्त करने के उद्देश्य से किया गया है, जिन्होंने उनके बीजद में शामिल होने का विरोध किया था। इसके जरिए उन्होंने सामूहिक रूप से काम करने और जिम्मेदारियां साझा करने की अपनी मंशा का संकेत दिया है।
हालांकि, बृहस्पतिवार को बीजद मुख्यालय शंख भवन में सुजाता का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, लेकिन कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में अनुपस्थित रहे, जिन्होंने पहले प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उनके पार्टी में शामिल होने का विरोध किया था।
अनुपस्थित रहने वालों में पूर्व मंत्री बद्री नारायण पात्रा, विधानसभा में बीजद के उपनेता प्रसन्न आचार्य, आठ बार के विधायक रणेंद्र प्रताप स्वैन तथा वरिष्ठ नेता प्रणब प्रकाश दास शामिल थे।
पार्टी के भीतर के माहौल को भांपते हुए नवीन पटनायक ने सुजाता के शामिल होने के दौरान कहा कि वह पार्टी में एक साधारण सदस्य के रूप में शामिल हो रही हैं और उन्हें फिलहाल कोई संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन में पूरी तरह सक्रिय होने के बाद सुजाता बीजद की एक महत्वपूर्ण सदस्य साबित होंगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि सुजाता के पार्टी में शामिल होने से बीजद को वी. के. पांडियन के तमिल मूल को लेकर होने वाली आलोचनाओं का जवाब देने में मदद मिल सकती है। 2024 के चुनावों के दौरान विपक्ष ने इस मुद्दे को बार-बार उठाया था।
ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले की मूल निवासी सुजाता उस क्षेत्र से आती हैं जिसे बीजू पटनायक की ‘‘कर्मभूमि’’ माना जाता है। बीजू पटनायक के नाम पर बीजू जनता दल (बीजद) का नाम रखा गया है।
भाषा गोला नरेश
नरेश

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