समाज के फेफड़ों के समान होते हैं उद्यान, उनकी देखरेख का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया जाए: एनजीटी

समाज के फेफड़ों के समान होते हैं उद्यान, उनकी देखरेख का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया जाए: एनजीटी

समाज के फेफड़ों के समान होते हैं उद्यान, उनकी देखरेख का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया जाए: एनजीटी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:25 pm IST
Published Date: June 3, 2021 8:50 am IST

नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने लुधियाना के किदवई नगर में एक सार्वजनिक उद्यान के हरित क्षेत्र में कांक्रीट निर्माण के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उद्यान समाज के फेफड़ों की तरह हैं।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अधिकरण के फरवरी 2014 में दिए गए आदेश कहा गया है कि पैदल चलने वालों के लिए रास्ता बनाने के लिए उस पर टाइल लगाने या कंक्रीट का निर्माण का काम पांच फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए, वहीं फुटपाथ तथा ट्रैक केवल छिद्रयुक्त ब्लॉक से ही बनाए जाने चाहिए।

पीठ ने कहा, ‘‘इसमें कोई शक नहीं कि उद्यान शहर के फेफड़ों के समान होते हैं जिनकी देखरेख करने का सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना चाहिए।’’

अधिकरण काउंसिल ऑफ इंजीनियर्स की यचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें स्मार्ट सिटी मिशन के तहत उद्यान का व्यावसायिकरण तथा उसमें पक्का निर्माण करने का विरोध किया गया है।

भाषा मानसी शाहिद

शाहिद


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