गोवा : फरार इजराइली मादक पदार्थ विक्रेता का अदालत में आत्मसमर्पण, 30 दिन की न्यायिक हिरासत में

गोवा : फरार इजराइली मादक पदार्थ विक्रेता का अदालत में आत्मसमर्पण, 30 दिन की न्यायिक हिरासत में

गोवा : फरार इजराइली मादक पदार्थ विक्रेता का अदालत में आत्मसमर्पण, 30 दिन की न्यायिक हिरासत में
Modified Date: September 16, 2026 / 02:54 pm IST
Published Date: September 16, 2026 2:54 pm IST

पणजी, 16 सितंबर (भाषा) फरार मादक पदार्थ विक्रेता एवं इजराइली नागरिक यानिव बेनाइम उर्फ अताला ने बुधवार को गोवा की एक अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया जहां से उसे नशीले पदार्थों से जुड़े एक मामले में 30 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

अताला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और लुक-आउट सर्कुलर जारी किया गया था। उसने दोपहर करीब 12 बजे उत्तरी गोवा के मर्सेस स्थित अदालत में आत्मसमर्पण किया। यह कार्रवाई मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा 16 सितंबर तक आत्मसमर्पण करने की तय समयसीमा के तहत की गई।

उसकी जमानत याचिका गोवा में मुंबई उच्च न्यायालय की पीठ के समक्ष लंबित है और उस पर 21 सितंबर को सुनवाई होगी।

आत्मसमर्पण और अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के आदेश के बाद अताला को उत्तरी गोवा के कोलवाले केन्द्रीय कारागार ले जाया गया।

अताला के वकील मंगुईरिश उसगांवकर ने बताया कि अदालत ने उसे 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।

यह मामला पांच अप्रैल 2025 का है, जब उत्तरी गोवा के सिओलिम स्थित अताला के आवास पर छापेमारी के बाद मादक पदार्थ निरोधक प्रकोष्ठ ने उसे गिरफ्तार किया था।

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि परिसर से कोकीन, चरस और नकदी बरामद की गई थी। उसके खिलाफ स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अगस्त 2025 में जिला अदालत ने उसे जमानत दे दी थी। जांच एजेंसियों ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

उच्च न्यायालय ने 14 जुलाई 2026 को अताला को दी गई जमानत रद्द कर दी और निचली अदालत को उसकी जमानत याचिका पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया।

इसके बाद 14 अगस्त को उत्तरी गोवा की अदालत ने उसकी नई जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने उसके पेश नहीं होने पर गैर-जमानती वारंट जारी करने का भी आदेश दिया। बाद में अदालत को बताया गया कि अताला फरार है और उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है।

इसके बाद अताला ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उच्च न्यायालय ने उसकी जमानत याचिका पर दलीलें सुने जाने तक उसे 16 सितंबर को निचली अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।

भाषा

शोभना मनीषा

मनीषा


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