गोवा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए मरीजों का भावनात्मक विश्लेषण करेगी
गोवा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए मरीजों का भावनात्मक विश्लेषण करेगी
पणजी, 30 अप्रैल (भाषा) गोवा सरकार राज्य द्वारा संचालित अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों का ‘‘भावनात्मक विश्लेषण’’ करेगी और उनके अनुभवों पर प्रतिक्रिया (फीडबैक) मांगेगी ताकि प्राप्त जानकारियों का उपयोग सुविधाओं तथा सेवाओं में सुधार के लिए किया जा सके। स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने यह जानकारी दी।
सरकार के वर्तमान में पणजी के पास स्थित गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच), मडगांव और मापुसा शहरों में दो जिला अस्पताल तथा पोंडा में एक उप-जिला अस्पताल जैसे अपने सर्वोच्च चिकित्सा केंद्र हैं।
राणे ने बुधवार शाम पत्रकारों से कहा कि राज्य ने पहले ही एक एजेंसी को जीएमसीएच सहित सरकारी चिकित्सा सुविधाओं में आने वाले रोगियों का ‘‘भावनात्मक विश्लेषण’’ करने के लिए नियुक्त किया है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत, विशेषज्ञ मरीजों से उनके अनुभवों के बारे में जानकारी एकत्र करेंगे ताकि उनके ‘फीडबैक’ का उपयोग इन अस्पतालों में सुविधाओं और प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जा सके।
मंत्री ने कहा, ‘‘मैं स्वयं चिकित्सक नहीं हूं, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गोवा के लोगों से मेरी भावनाएं जुड़ी हैं।’’
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में अनुशासन लाने के लिए सरकार ‘‘नर्सों के आचरण’’ से जुड़े केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों को सूचीबद्ध करते हुए एक उचित राजपत्रित अधिसूचना जारी करेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘अधिसूचना को लागू करते समय मैं ‘नर्सिंग एसोसिएशन’ को विश्वास में लूंगा। लागू करने से पहले हम उनके साथ दिशा-निर्देशों पर चर्चा करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा ताकि किसी भी मरीज को आपातकाल वार्ड के बाहर घंटों इंतजार न करना पड़े।
राणे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एक ऐसी प्रणाली भी शुरू करेगा जिसके तहत प्रमाणित, प्रशिक्षित देखभालकर्ता उन रोगियों की सहायता के लिए उपलब्ध होंगे जिनके रिश्तेदार अन्य प्रतिबद्धताओं के कारण उपस्थित नहीं हो पाते हैं।
भाषा यासिर गोला
गोला

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