गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: ‘जमीन के मालिक’ ने चुपके से भूमि रूपांतरण किए जाने का दावा किया

गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: ‘जमीन के मालिक’ ने चुपके से भूमि रूपांतरण किए जाने का दावा किया

गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: ‘जमीन के मालिक’ ने चुपके से भूमि रूपांतरण किए जाने का दावा किया
Modified Date: December 12, 2025 / 01:24 pm IST
Published Date: December 12, 2025 1:24 pm IST

पणजी, 12 दिसंबर (भाषा) ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब की जमीन के मूल मालिक होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि क्लब को फायदा पहुंचाने के लिए उसकी संपत्ति के एक हिस्से को बिना जानकारी के ‘सॉल्ट पैन’ से रिहायशी क्षेत्र में बदल दिया गया।

‘सॉल्ट पैन’ ऐसी जगह होती है जहां खारे पानी (समुद्री पानी) को धूप में सुखाया जाता है, और इसके बाद जो नमक बच जाता है, उसे इकट्ठा किया जाता है।

प्रदीप घाड़ी अमोणकर ने बताया कि उन्होंने यह जमीन 1994 में खरीदी थी और 2004 में सुरिंदर कुमार खोसला के साथ बिक्री समझौता किया था, जो भुगतान न होने के कारण रद्द हो गया। इसके बावजूद खोसला ने जमीन पर नाइटक्लब शुरू कर दिया, जिसे बाद में ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा ने ले लिया।

पणजी से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित इस नाइटक्लब में छह दिसंबर की रात भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में क्लब के 20 कर्मचारी और 5 पर्यटक शामिल थे, जिनमें से 4 दिल्ली के थे।

अमोणकर ने कहा कि वह जमीन को लेकर खोसला के खिलाफ 21 वर्षों से अदालती लड़ाई लड़ रहे हैं।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “अरपोरा में मेरी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है और उसे वापस पाने के लिए मैं 21 साल से अदालतों में लड़ रहा हूं।”

उन्होंने कहा कि मामला अभी लंबित है, लेकिन अब उन्हें एक नई जानकारी मिली है।

अमोणकर ने आरोप लगाया, “सरकार ने बिना मुझे बताए चुपचाप मेरी जमीन का रूपांतरण कर दिया।”

उनका कहना है कि मुकदमा लंबित होने के बावजूद भूमि रूपांतरण को लेकर उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया।

उन्होंने दावा किया कि जहां नाइटक्लब बना था, उसका भूमि रूपांतरण कर रिहायशी क्षेत्र घोषित कर दिया गया है।

उन्होंने पूछा, “सॉल्ट पैन को रिहायशी क्षेत्र में कैसे बदला जा सकता है?”

अमोणकर ने बताया कि बृहस्पतिवार को जब वह आग की घटना को लेकर क्लब के खिलाफ उच्च न्यायालय जाने के लिए दस्तावेज तैयार कर रहे थे, तभी उन्हें इस “भूमि रूपांतरण” की जानकारी मिली।

गोवा के नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच जारी होने के कारण फिलहाल अमोणकर के आरोपों पर कुछ कहना उचित नहीं होगा।

भाषा खारी मनीषा

मनीषा


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