गोवा पुलिस ने प्रदर्शनों के आयोजकों से वित्तीय स्रोतों, खालिद समर्थित तख्तियों के बारे में पूछताछ की
गोवा पुलिस ने प्रदर्शनों के आयोजकों से वित्तीय स्रोतों, खालिद समर्थित तख्तियों के बारे में पूछताछ की
पणजी, 30 जुलाई (भाषा) गोवा में छात्रों के कुछ प्रदर्शनों के उद्देश्य और उनके वित्तीय स्रोतों को लेकर पुलिस ने आयोजकों से पूछताछ की है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों में जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाए गए थे।
अधिकारियों के अनुसार, गोवा पुलिस ने पिछले सप्ताह पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के जश्न के दौरान उमर खालिद के समर्थन में कथित तौर पर कुछ कहने के आरोप में दो युवकों को हिरासत में लिया था। खालिद को वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया है।
गोवा पुलिस ने पिछले सप्ताह मापुसा और पणजी में प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए दो विरोध प्रदर्शनों के आयोजकों से भी पूछताछ की थी।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों कार्यक्रम गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘उजवाद’ द्वारा आयोजित किए गए थे। उन्होंने बताया कि ‘सिटिजन्स ऑफ मापुसा’ नामक स्थानीय समूह ने उमर खालिद के समर्थन में लिखी तख्तियों पर आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
पणजी पुलिस ने बुधवार को उजवाद की सचिव अमरीन शेख को पूछताछ के लिए बुलाया था। उन्होंने ही इन प्रदर्शनों का आयोजन कराया था।
अधिकारियों के अनुसार, हालांकि इस मामले में अमरीन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच अधिकारी ने उनसे करीब 240 सवाल पूछे। इनमें मुख्य रूप से प्रदर्शन के वित्तीय स्रोतों और उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाए जाने के कथित उद्देश्य से जुड़े सवाल शामिल थे।
इस संबंध में उत्तरी गोवा के पुलिस अधीक्षक हरिश्चंद्र मडकैकर ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक समूह की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई थी।
उन्होंने कहा, ‘जो भी सवाल पूछे गए, वे जांच का ही हिस्सा थे।’
उन्होंने बताया कि पूछताछ के बाद आयोजकों को जाने दिया गया।
भाषा प्रचेता वैभव
वैभव

Facebook


