राज्यसभा : छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर शाह के बयान की मांग ठुकराए जाने पर विपक्ष का बहिर्गमन

राज्यसभा : छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर शाह के बयान की मांग ठुकराए जाने पर विपक्ष का बहिर्गमन

राज्यसभा : छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर शाह के बयान की मांग ठुकराए जाने पर विपक्ष का बहिर्गमन
Modified Date: July 30, 2026 / 12:15 pm IST
Published Date: July 30, 2026 12:15 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) विपक्षी सदस्यों ने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस के बल प्रयोग के आरोपों को लेकर सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की अपनी मांग सभापति द्वारा अस्वीकार किए जाने पर विरोध जाते हुए बृहस्पतिवार को राज्यसभा से बहिर्गमन किया।

सदन में आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखे जाने के तुरंत बाद विपक्षी सदस्यों ने 20 जुलाई को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के संबंध में शाह से सदन में आकर स्पष्टीकरण देने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।

कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि संविधान मंत्रिपरिषद को संसद के प्रति जवाबदेह बनाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘जब छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और गोली चलाई गई, तब यह स्वाभाविक मांग है कि गृह मंत्री सदन में आएं और इस पर बयान दें।’’

राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने व्यवस्था का प्रश्न खारिज कर दिया और शून्यकाल के तहत लोक महत्व से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए सदस्यों से कहा।

इस बीच विपक्षी सदस्य ‘‘गृह मंत्री सदन में आओ’’ और ‘‘गृह मंत्री चुप्पी तोड़ो’’ जैसे नारे लगाते रहे। सभापति ने कार्यवाही चलने देने की अपील करते हुए कहा कि अन्य सदस्यों को बोलने से रोकना उचित नहीं है।

उन्होंने शून्यकाल की कार्यवाही आगे बढ़ाई और हंगामे के बीच ही सदस्यों ने अपने-अपने मुद्दे उठाए। करीब आधे घंटे तक नारेबाजी जारी रहने के बाद तिवारी ने फिर कहा कि प्रधानमंत्री और मंत्री संसद के प्रति जवाबदेह हैं।

तिवारी ने कहा, ‘‘हम गृह मंत्री को अपने घर नहीं, सदन में बुला रहे हैं। जब लाठीचार्ज हो रहा है और गोलियां चलाई जा रही हैं, तब गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए।’’

विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांग नहीं माने जाने पर सदन से बहिर्गमन कर दिया।

विपक्ष के बहिर्गमन के बाद सदन के नेता एवं केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने कहा कि 20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष का रवैया नकारात्मक रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘वे लगातार सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं और सदन नहीं चलने दे रहे हैं। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और वह बार-बार अपना रुख बदल रहा है।’’

नड्डा ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा ‘‘पहले भी विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग की और सरकार ने मना नहीं किया। ‘लेकिन हर बार विपक्ष को ही मुंह की खानी पड़ी।’’

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर अंकुश लगाने के प्रावधान वाला एक विधेयक उच्च सदन में आज चर्चा के लिए सूचीबद्ध है।

उन्होंने विपक्ष के आचरण को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए उसकी निंदा की। नड्डा ने कहा, ‘‘वे (विपक्षी सदस्य) बार-बार गोल पोस्ट बदलते रहते हैं।’’

विपक्ष के बहिर्गमन के बाद सदन में नियत कामकाज जारी रहा।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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