गोडावण पक्षी को परियोजनाओं से खतरा, सक्रियता से संरक्षण की जरूरत : जयराम रमेश

गोडावण पक्षी को परियोजनाओं से खतरा, सक्रियता से संरक्षण की जरूरत : जयराम रमेश

गोडावण पक्षी को परियोजनाओं से खतरा, सक्रियता से संरक्षण की जरूरत : जयराम रमेश
Modified Date: September 22, 2026 / 01:59 pm IST
Published Date: September 22, 2026 1:59 pm IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) कांग्रेस महासचिव और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने मंगलवार को कहा कि ‘ग्रेट इंडियन बस्टर्ड’ (गोडावण पक्षी) अब सर्वाधिक संकटग्रस्त स्थिति में है और इसका सक्रियता से संरक्षण करने की जरूरत है।

उनकी यह टिप्पणी उस समय आई है जब ‘अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड’ ने जैसलमेर के जोगा गांव में अपनी नई चूना पत्थर खनन परियोजना के लिए मंजूरी प्रक्रिया का पहला चरण पार कर लिया है। कंपनी पर राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में स्थित अपने खनन स्थल पर पर्यावरणीय अनुपालन और अन्य नियमों के उल्लंघन के आरोप भी हैं।

रमेश ने ‘एक्स’ पर ‘पीटीआई’ की एक खबर को टैग करते हुए कहा कि महान पक्षी विज्ञानी सलीम अली ने 1960 के दशक की शुरुआत में जिस गोडावण को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किए जाने की इच्छा जताई थी, वह अब सर्वाधिक संकटग्रस्त स्थिति में है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसे सक्रिय रूप से संरक्षण की जरूरत है, न कि ऐसी परियोजनाओं की जो इसे और अधिक खतरे में डालें।’’

गोडावण जमीन पर रहने वाला पक्षी है और यह मुख्यत: राजस्थान और गुजरात के रेगिस्तानी इलाकों में पाया जाता है।

भाषा हक हक मनीषा

मनीषा


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