अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए ईसीआई से नोटिस मिला : सांसद फर्नांडीस

अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए ईसीआई से नोटिस मिला : सांसद फर्नांडीस

अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए ईसीआई से नोटिस मिला : सांसद फर्नांडीस
Modified Date: January 8, 2026 / 07:46 pm IST
Published Date: January 8, 2026 7:46 pm IST

पणजी, आठ जनवरी (भाषा) दक्षिण गोवा से कांग्रेस के लोकसभा सदस्य विरियातो फर्नांडीस ने आरोप लगाया है कि निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने उन्हें एक नोटिस भेजकर मतदाता सूची में अपना नाम बनाए रखने के लिए अपनी पहचान साबित करने वाले दस्तावेजों के साथ पेश होने के लिए कहा है।

भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी फर्नांडीस ने कहा कि एक सांसद को इस तरह की जांच के दायरे में लाना विपक्ष द्वारा उठाई गई इस चिंता की पुष्टि करता है कि निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का लक्ष्य वैध मतदाताओं के नामों को मतदाता सूची से हटाना तथा उन्हें मतदान प्रक्रिया में भाग लेने से रोकना है।

हालांकि, गोवा के मुख्य निर्वाचन कार्यालय (सीईओ) ने बाद में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि सांसद ने गणना प्रपत्र में अनिवार्य सूचनाएं नहीं भरी थीं, इसलिए उनका गणना प्रपत्र पिछली मतदाता सूची में नाम नहीं होने की श्रेणी में रख दिया गया और सुनवाई का नोटिस स्वतः ही तैयार हो गया और उन्हें जारी कर दिया गया।

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फर्नांडीस ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘मुझे निर्वाचन आयोग से नोटिस मिला है जिसमें मुझसे मतदाता सूची में अपना नाम बनाये रखने के लिए पहचान साबित करने वाले दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा गया है। निर्वाचन आयोग ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मेरे समेत हर उम्मीदवार को चुनाव लड़ने की अनुमति देने से पहले उच्चतम स्तर की जांच की थी, इसके बावजूद यह नोटिस आया है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘वैसे, मैं 1989 में मतदान के लिए पात्र होने के बाद से मतदान कर रहा हूं। इसका सारा श्रेय दिवंगत प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी को जाता है जिन्होंने 18 साल के युवाओं को मताधिकार देने की पहल की।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना में अपनी 26 साल की सेवा के दौरान उन्होंने लोकसभा, विधानसभा या जिला पंचायत चुनाव में अपना वोट डालने के लिए कई बार ‘सैन्य तैनाती के दूरस्थ स्थानों से’ गोवा की यात्रा की है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर एक सांसद को इस तरह की जांच का सामना करना पड़ सकता है, तो ऐसे में आम आदमी की हालत सोचकर आश्चर्य होता है। विपक्षी दलों और गैर सरकारी संगठनों/नागरिकों द्वारा उठाई गई उस चिंता की पुष्टि होती है कि निर्वाचन आयोग वैध मतदाताओं के नाम हटाने और उन्हें मतदान की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने से रोकने के लिए एसआईआर करा रहा है।’’

गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बाद में जारी स्पष्टीकरण में कहा, ‘‘एसआईआर के दौरान, भाग संख्या 19 के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) ने माननीय सांसद कैप्टन विरियातो हिपोलिटो मेंडोंका फर्नांडीस से संबंधित गणना प्रपत्र एकत्र किया।’’

स्पष्टीकरण में कहा गया है कि बाद में यह पाया गया कि गणना प्रपत्र में अंतिम एसआईआर (पहला मतदाता सूची) से संबंधित अनिवार्य विवरण, जैसे विधानसभा क्षेत्र संख्या, भाग संख्या और मतदाता सूची में क्रमांक संख्या, शामिल नहीं थे। इन जरूरी जानकारियों के न भरे जाने के कारण, बीएलओ एप्लिकेशन प्रपत्र को मौजूदा मतदाता सूची रिकॉर्ड से स्वचालित रूप से लिंक नहीं कर सका।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस मामले में, सिस्टम ने गणना प्रपत्र को पिछली संबंधित मतदाता सूची में नाम नहीं होने की श्रेणी में रख दिया और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुनवाई का नोटिस स्वचालित रूप से जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है।

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश


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