पूर्वोत्तर के किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार खेतों को नए कृषि तकनीकों से जोड़ेगी

पूर्वोत्तर के किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार खेतों को नए कृषि तकनीकों से जोड़ेगी

पूर्वोत्तर के किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार खेतों को नए कृषि तकनीकों से जोड़ेगी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:24 pm IST
Published Date: June 19, 2021 11:52 am IST

नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) विज्ञान एवं तकनीक मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र में छोटे और सीमांत किसानों खास तौर पर महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लक्ष्य से खेतों को नवोन्मेषी कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में ‘बायोटेक-किसान कार्यक्रम’ के तहत काम करेगी।

मंत्रालय ने बताया कि जैव तकनीक विभाग ने अपने कार्यक्रम के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक विशेष पहल की शुरुआत की है ताकि स्थानीय किसानों के मुद्दों को समझा जा सके और उनकी समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान निकले।

मंत्रालय ने बताया कि मौजूदा पहल ख़ास तौर पर पूर्वोत्तर क्षेत्र पर केंद्रित है क्योंकि इस क्षेत्र की बड़ी आबादी पहले से ही कृषि पर निर्भर है। यहां कुल श्रमबल का 70 फीसदी आजीविका के लिए कृषि क्षेत्र या उससे जुड़े क्षेत्र में काम करता है।

मंत्रालय ने कहा कि पूर्वोत्तर में कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय को बढ़ाने की संभावनाओं पर काफी काम किया जाना है। इस क्षेत्र में स्थान आधारित विशेष फसल को बढ़ावा देकर, बाग़वानी और पेड़ों से आय, मत्स्य एवं मवेशी उत्पादन संबंधी क्षेत्रों को बढ़ावा देना शामिल है।

बायोटेक-कृषि इनोवेशन साइंस एप्लीकेशन नेटवर्क (बायोटेक-किसान) को पूर्वोत्तर में इस लक्ष्य के साथ लागू किया जाएगा कि खेतों को नए-नए तकनीक से जोड़ा जाए और इससे लघु और सीमांत किसानों खास तौर पर महिलाओं को लाभ मिले।

भाषा स्नेहा उमा

उमा


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