सरकार की प्रमुख पत्रिकाएं प्रसार भारती के ओटीटी मंच पर मुफ्त उपलब्ध होंगी

सरकार की प्रमुख पत्रिकाएं प्रसार भारती के ओटीटी मंच पर मुफ्त उपलब्ध होंगी

सरकार की प्रमुख पत्रिकाएं प्रसार भारती के ओटीटी मंच पर मुफ्त उपलब्ध होंगी
Modified Date: April 9, 2026 / 10:22 pm IST
Published Date: April 9, 2026 10:22 pm IST

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) ‘योजना’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘आजकल’, ‘बाल भारती’ और ‘रोजगार समाचार’ जैसी केंद्र सरकार की प्रमुख पत्रिकाएं प्रसार भारती के वेव्स ओटीटी मंच पर मुफ्त उपलब्ध कराई गई हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने एक बयान में यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देशभर के पाठकों के लिए विश्वसनीय, सूचनात्मक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध सामग्री तक पहुंच सुनिश्चित करना है।

‘योजना’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘आजकल’ और ‘बाल भारती’ जैसी मासिक पत्रिकाओं को सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, ग्रामीण विकास, साहित्य और बच्चों की शिक्षा से जुड़े विषयों के गहन विश्लेषण के लिए जाना जाता है, जबकि साप्ताहिक ‘रोजगार समाचार’ नौकरी के इच्छुक लोगों के लिए रोजगार के अवसरों, भर्ती सूचनाओं, करियर मार्गदर्शन और कौशल विकास पर विश्वसनीय जानकारी प्रदान करता है।

बयान के मुताबिक, “डिजिटल ज्ञान सामग्री तक पहुंच को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रकाशन विभाग ने अपनी प्रमुख पत्रिकाओं ‘योजना’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘आजकल’ और ‘बाल भारती’ के साथ-साथ साप्ताहिक ‘रोजगार समाचार’ को प्रसार भारती के वेव्स ओटीटी मंच पर मुफ्त में उपलब्ध कराया है, जिससे देशभर के पाठकों को इसके समृद्ध भंडार तक सीधी पहुंच हासिल हो गई है।”

बयान के अनुसार, इन पत्रिकाओं के अलावा विभिन्न विधाओं की ई-पुस्तकों का एक व्यापक संग्रह भी वेव्स मंच पर मुफ्त में उपलब्ध कराया गया है, जिसमें प्रतिष्ठित ‘भारत ईयर बुक’ भी शामिल है, जो भारत के शासन, अर्थव्यवस्था और विकास पहल का आधिकारिक एवं विस्तृत विवरण प्रदान करने वाला एक प्रमुख प्रकाशन है।

बयान में कहा गया है कि वेव्स मंच पर फिलहाल कुल 227 ई-पुस्तकें पाठकों के लिए मुफ्त में उपलब्ध हैं।

इसमें कहा गया है, “अपनी डिजिटल सेवाओं का और विस्तार करते हुए प्रकाशन विभाग अप्रैल के अंत तक वेव्स मंच पर लगभग 300 अतिरिक्त ई-पुस्तकें उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। ज्ञान के प्रसार के विभाग के मिशन को जारी रखते हुए ये ई-पुस्तकें बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।”

बयान के मुताबिक, पाठकों की सुविधा और पहुंच को बेहतर बनाने के लिए प्रकाशन विभाग ने अपनी पुस्तकों को वेव्स मंच के जरिये खरीदने की सुविधा भी प्रदान कर दी है।

इसमें कहा गया है कि यह सुविधा ओएनडीसी (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) ढांचे के तहत सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर के माध्यम से प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों सहित देश भर के पाठकों को भौतिक प्रतियों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

बयान के अनुसार, मौजूदा समय में कुल 524 पुस्तकें खरीदारी के लिए उपलब्ध हैं।

इसमें कहा गया है, “यह पहल अपने प्रकाशनों की पहुंच को व्यापक बनाने और पाठकों की बदलती प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए डिजिटल मंचों का लाभ उठाने की प्रकाशन विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।”

बयान में कहा गया है कि मुफ्त डिजिटल सामग्री के साथ किफायती दरों पर किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित करके प्रकाशन विभाग एक व्यापक और समावेशी पठन पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का लक्ष्य रखता है।

भाषा पारुल अविनाश

अविनाश


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