राज्यपाल बागडे ने भारतीय ज्ञान दृष्टि की समृद्ध परंपरा से जुड़ने का आह्वान किया

राज्यपाल बागडे ने भारतीय ज्ञान दृष्टि की समृद्ध परंपरा से जुड़ने का आह्वान किया

राज्यपाल बागडे ने भारतीय ज्ञान दृष्टि की समृद्ध परंपरा से जुड़ने का आह्वान किया
Modified Date: May 11, 2026 / 02:50 pm IST
Published Date: May 11, 2026 2:50 pm IST

जयपुर, 11 मई (भाषा) राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास के साथ भारतीय ज्ञान दृष्टि की समृद्ध परंपरा से जुड़ने पर जोर देते हुए सोमवार को कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में भारत शुरू से ही समृद्ध रहा है।

उन्होंने कहा कि खगोल, गणित, धातु विज्ञान, आयुर्वेद और वास्तुकला जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारत ने ही विश्व को मौलिक खोजें और विकास के सूत्र प्रदान किए हैं।

वह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीरी) के जयपुर स्थित कार्यालय में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

आधिकारिक बयान के अनुसार बागडे ने विज्ञान एवं तकनीक का उपयोग समृद्ध और स्वस्थ जीवन के लिये किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान (सीरी) अनाज, सब्जियों में कीटनाशकों व रसायन आदि की जांच के लिए भी उपकरण बनाने की पहल करे। उन्होंने कहा कि जो खाद्यान्न हम उपयोग में लेते हैं उनमें विषाक्तता के परीक्षण से जुड़े उपकरण इस समय में सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने खाद्य एवं पेय पदार्थों में मिलावट और नशे की लत से बचाव में भी प्रौद्योगिकी के उपयोग की आवश्यकता जताई। बागडे ने कहा कि नैतिक मूल्य और प्रतिबद्धता के बगैर जीवन की सार्थकता नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि भारत धातु विज्ञान से तब से जुड़ा हुआ है, जब दूसरे देशों को इसका ज्ञान ही नहीं था।

इससे पहल राज्यपाल ने “राजस्थान विज्ञान महोत्सव 2026” की स्मारिका का लोकार्पण किया और पोस्टर का विमोचन किया।

भाषा पृथ्वी

प्रशांत

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