राज्यपाल कैदियों की समय पूर्व रिहाई के संबंध में मंत्रिपरिषद की सलाह मानने को बाध्य : अदालत
राज्यपाल कैदियों की समय पूर्व रिहाई के संबंध में मंत्रिपरिषद की सलाह मानने को बाध्य : अदालत
चेन्नई, दो अप्रैल (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि क्षमादान और दोषी कैदियों की समय पूर्व रिहाई से संबंधित मामलों में राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह का पालन करने के लिए बाध्य हैं।
न्यायमूर्ति ए.डी. जगदीश चंद्र, न्यायमूर्ति जी.के. इलन्थिरैयन और न्यायमूर्ति सुंदर मोहन की पूर्ण पीठ ने एक खंडपीठ के निर्णयों के संदर्भ का जवाब देते हुए यह फैसला सुनाया।
मुख्य न्यायाधीश के निर्देशों पर, वर्तमान पूर्ण पीठ का गठन दो मुद्दों पर निर्णय लेने के लिए किया गया था कि क्या राज्यपाल क्षमादान और समय से पहले रिहाई से संबंधित मामलों में मंत्रिपरिषद द्वारा दी गई सलाह मानने को बाध्य हैं और अगर वह बाध्य हैं, तो किन परिस्थितियों में राज्यपाल को मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए दृष्टिकोण से भिन्न दृष्टिकोण अपनाने का अधिकार है।
पीठ ने आदेश में कहा, ‘‘अदालत ने पाया कि ये सर्वविदित है कि राज्यपाल क्षमादान और समय पूर्व रिहाई से संबंधित मामलों में मंत्रिपरिषद द्वारा दी गई सलाह से बाध्य हैं, जो वास्तव में भारत के संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत उनके द्वारा प्रयोग की जाने वाली शक्तियां हैं।’’
भाषा शफीक जितेंद्र
जितेंद्र

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