अभिभाषण पढ़ने से राज्यपाल का इनकार असंवैधानिक, प्रधानमंत्री खुद को ‘वायसराय’ मानते हैं: कांग्रेस

अभिभाषण पढ़ने से राज्यपाल का इनकार असंवैधानिक, प्रधानमंत्री खुद को ‘वायसराय’ मानते हैं: कांग्रेस

अभिभाषण पढ़ने से राज्यपाल का इनकार असंवैधानिक, प्रधानमंत्री खुद को ‘वायसराय’ मानते हैं: कांग्रेस
Modified Date: January 22, 2026 / 07:00 pm IST
Published Date: January 22, 2026 7:00 pm IST

नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के विधानमंडल की बैठक के दौरान पूरा अभिभाषण नहीं पढ़ने को असंवैधानिक करार दिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह खुद को भारत का ‘‘वायसराय’’ मानते हैं, जो दिल्ली से राज्य सरकारों को नियंत्रित करने के लिए राज्यपालों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

कर्नाटक के राज्यपाल गहलोत ने बृहस्पतिवार को राज्य विधानमंडल के संयुक्त सत्र में अपना परंपरागत अभिभाषण केवल तीन वाक्यों (सरकार द्वारा तैयार किए गए विस्तृत भाषण के पहले और आखिरी वाक्यों समेत) में समाप्त कर दिया।

गैर-भाजपा शासित तीन दक्षिणी राज्यों (केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक) में दो दिनों में राज्यपाल और सरकार के बीच तीसरी बार टकराव हुआ है।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ प्रधानमंत्री मोदी खुद को भारत का वायसराय मानते हैं – जो दिल्ली से राज्य सरकारों को रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित करने के लिए राज्यपालों का इस्तेमाल करते हैं। उनके लिए निराशा की बात यह है कि भारत में संविधान है जिसके तहत चुनी हुई राज्य सरकारें लोगों की इच्छा के अनुसार चलती हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल द्वारा विधानसभा में कैबिनेट-अनुमोदित भाषण पढ़ने से इनकार करना असंवैधानिक है।

वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘कथित सुपर सीएम का हस्तक्षेप एक नाजायज कृत्य है जिसे स्पष्ट रूप से शीर्ष स्तर से आशीर्वाद प्राप्त है। हम भारत के संघवाद को नष्ट करने के ऐसे जबरदस्त प्रयासों का पुरजोर विरोध करते हैं। पैराशूट से उतारे गए राज्यपालों के माध्यम से गैर-भाजपा राज्य सरकारों को रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित करने के ऐसे कदम भाजपा के सत्तावादी झुकाव को और उजागर करते हैं।’’

भाषा हक

हक माधव

माधव


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