सरकार ने बैंकों को ‘कलेक्शन एजेंट’ बना दिया है: खरगे

सरकार ने बैंकों को 'कलेक्शन एजेंट' बना दिया है: खरगे

सरकार ने बैंकों को ‘कलेक्शन एजेंट’ बना दिया है: खरगे
Modified Date: March 29, 2025 / 11:58 am IST
Published Date: March 29, 2025 11:58 am IST

नयी दिल्ली, 29 मार्च (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैंकों द्वारा लगाए जाने विभिन्न शुल्क का उल्लेख करते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बैंकों को ‘कलेक्शन एजेंट’ बना दिया है।

खरगे ने खातों के न्यूनतम बैलेंस से जुड़े शुल्क, एटीम से पैसे की निकासी से संबंधित शुल्क, बैंक स्टेटमेंट संबंधी शुल्क, ऋण लेने की प्रक्रिया से संबंधित शुल्क और कुछ अन्य शुल्कों का हवाला दिया।

कांग्रेस प्रमुख ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘हमारे बैंकों को दुर्भाग्य से मोदी सरकार ने ‘कलेक्शन एजेंट’ बना दिया है। अब एटीएम से निकासी शुल्क महंगा होगा। मोदी सरकार ने 2018 और 2024 के बीच बचत खातों और जन धन खातों से न्यूनतम शेष राशि बनाए न रखने के कारण कम से कम 43,500 करोड़ रुपये निकाले हैं।’

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उन्होंने कहा कि सरकार इन शुल्कों से एकत्र की गई राशि का डेटा संसद में उपलब्ध कराती थी, लेकिन अब यह परंपरा भी यह कहकर बंद कर दी गई है कि ‘‘आरबीआई इस तरह के डेटा का रखरखाव नहीं करता है।’’

खरगे ने आरोप लगाया, ‘‘बेतहाशा महंगाई + बेलगाम लूट = भाजपा का जबरन वसूली मंत्र।’’

भाषा हक रंजन

रंजन


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