राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए सरकार ने श्रम संहिताओं को चुनाव बाद कार्यान्वित किया: माकपा
राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए सरकार ने श्रम संहिताओं को चुनाव बाद कार्यान्वित किया: माकपा
नयी दिल्ली, 9 मई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने श्रम संहिताओं को लागू करने के केंद्र के फैसले की शनिवार को आलोचना की और आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने विधानसभा चुनावों के समापन तक नियमों को अधिसूचित करने का इंतजार किया ताकि उसे राजनीतिक नुकसान नहीं हो।
माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा गया है कि वह ‘8 मई, 2026 नियमों की अधिसूचना के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन की निंदा करता है’।
वामपंथी पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र ने पहले ही नियमों को लागू करने की योजना बनाई थी लेकिन जानबूझकर इस कदम को चुनाव के बाद तक के लिए टाल दिया।
बयान में कहा गया है, ‘हालांकि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एक अप्रैल, 2026 से ही श्रम संहिताओं को लागू करना चाहती थी, लेकिन उसने नियमों को अधिसूचित करने के लिए चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव खत्म होने का इंतजार किया।’
इसमें कहा गया है, ‘चुनाव परिणामों की घोषणा के केवल चार दिनों के भीतर, उन्होंने अब श्रम संहिता को क्रियान्वित कर दिया है। यह भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की भ्रामक कार्यप्रणाली को उजागर करता है।’
माकपा ने दावा किया कि भाजपा शासित राज्य नई श्रम व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।
भाषा हक प्रशांत
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