मान सरकार ना तो संविधान का सम्मान करती है और ना ही संवैधानिक संस्थाओं का: सैनी

मान सरकार ना तो संविधान का सम्मान करती है और ना ही संवैधानिक संस्थाओं का: सैनी

मान सरकार ना तो संविधान का सम्मान करती है और ना ही संवैधानिक संस्थाओं का: सैनी
Modified Date: May 8, 2025 / 10:27 pm IST
Published Date: May 8, 2025 10:27 pm IST

चंडीगढ़, आठ मई (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को जारी जल विवाद पर पंजाब सरकार के रुख की आलोचना की है। उन्होंने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी के साथ नांगल बांध के दौरे के दौरान किये गए दुर्व्यवहार की भी आलोचना की।

सैनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार न तो संविधान और न ही देश की संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती है और यहां तक ​​कि उसने जल मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले की भी अवहेलना की है।

पंचकूला में नाडा साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेकने के बाद सैनी ने कहा कि गुरुओं की धरती पंजाब ने हमेशा सद्भाव और कल्याण का संदेश दिया है।

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उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आज मान सरकार राजनीतिक लाभ के लिए अनावश्यक संघर्ष पैदा कर रही है। हम पंजाब के हिस्से का पानी नहीं मांग रहे हैं, हम सिर्फ हरियाणा के हिस्से का पीने का पानी मांग रहे हैं।’’

सैनी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की उस घटना के लिए भी आलोचना की जिसमें आप कार्यकर्ताओं ने बीबीएमबी के अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी को नांगल स्थित ‘गेस्ट हाउस’ में कुछ समय के लिए ‘बंधक’ बना लिया था।

सैनी ने कहा कि जब हरियाणा के लोग पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे थे, तो वे नांगल बांध पर धरने पर बैठ गए थे।

त्रिपाठी बृहस्पतिवार को नांगल बांध का दौरा कर रहे थे, जब बैंस ने आप समर्थकों और कुछ स्थानीय लोगों के साथ मिलकर उनके खिलाफ प्रदर्शन किया और नारे लगाए। आप कार्यकर्ताओं ने गेट बंद कर दिया और उन्हें सतलुज सदन से बाहर नहीं आने दिया गया।

भाषा संतोष पवनेश

पवनेश


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