महिला आरक्षण पर सर्वदलीय बैठक बुलाए सरकार: विपक्ष

महिला आरक्षण पर सर्वदलीय बैठक बुलाए सरकार: विपक्ष

महिला आरक्षण पर सर्वदलीय बैठक बुलाए सरकार: विपक्ष
Modified Date: March 24, 2026 / 03:26 pm IST
Published Date: March 24, 2026 3:26 pm IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) विपक्षी दलों ने मंगलवार को सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह चार राज्यों एवं एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कार्यालय में सोमवार को विपक्षी नेताओं की एक बैठक के बाद, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 (महिला आरक्षण विधेयक) को लागू करने की रूपरेखा को लेकर सरकार से विचार-विमर्श करने के लिए सर्वदलीय बैठक की जरूरत पर जोर दिया गया था।

कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू को पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया।

खरगे के लेटरहेड पर लिखे पत्र में कहा गया है, ‘‘आपको याद होगा कि मैंने 16 मार्च, 2026 को आपको पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि नारी वंदन अधिनियम, 2023 के कार्यान्वयन के लिए तौर-तरीकों और रूपरेखा पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक जल्द से जल्द बुलाई जाए।’’

पत्र में कहा गया है, ‘‘सभी विपक्षी दल अब प्रस्तावित संविधान संशोधन पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक की अपनी मांग दोहरा रहे हैं। बैठक को और अधिक फलदायी बनाने के लिए सरकार के लिए यह आवश्यक है कि वह एक नोट प्रसारित करे जिसमें बताया जाए कि वास्तव में क्या प्रस्तावित किया जा रहा है।’’

विपक्षी दलों ने कहा कि सर्वदलीय बैठक 29 अप्रैल, 2026 को विधानसभा चुनावों के लिए मतदान संपन्न होने के बाद आयोजित की जानी चाहिए।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संसद भवन में रीजीजू से मुलाकात के बाद उन्हें पत्र सौंपा।

पत्र में तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर कई विपक्षी दलों के नेताओं के हस्ताक्षर हैं।

इस पत्र पर कांग्रेस के अलावा माकपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप), झारखंड मुक्ति मोर्चा और कुछ अन्य दलों के नेताओं ने हस्ताक्षर किए हैं।

सूत्रों ने सोमवार को कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए संसद के चालू बजट सत्र में दो विधेयक लाने की ‘‘इच्छुक’’ है कि लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के लिए परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से पहले महिला आरक्षण कानून लागू किया जाए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आम सहमति बनाने के लिए सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कुछ घटक दलों और विपक्ष के कुछ क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।

सूत्रों ने कहा कि अगर आम सहमति बन जाती है तो दोनों विधेयक इस सप्ताह लाए जा सकते हैं।

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान के लिए 2023 में संविधान संशोधन विधेयक पारित किया गया था, हालांकि उसे परिसीमन की प्रक्रिया के बाद ही लागू किया जा सकता है।

सूत्रों का कहना है कि जिस रूपरेखा को लेकर चर्चा जारी है, उसके अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या वर्तमान 543 से बढ़कर 816 हो जाएंगी, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

भाषा हक हक वैभव

वैभव


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