सरकार वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय बनाने के लिए राज्यसभा में विधेयक लाएगी
सरकार वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय बनाने के लिए राज्यसभा में विधेयक लाएगी
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) सरकार संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा में वह विधेयक लाने वाली है, जिसके तहत राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान डालना या उसका अपमान करना आपराधिक कृत्य माना जायेगा।
राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को सोमवार के लिए राज्यसभा की कार्यसूची में शामिल किया गया है और गृह मंत्री अमित शाह इसे उच्च सदन में पेश करेंगे।
यह विधेयक राष्ट्र गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन के लिए लाया जा रहा है। इस कानून के तहत देश के राष्ट्रीय प्रतीकों — जैसे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्र गान — का अपमान या अनादर करना एक आपराधिक कृत्य है, जिसके लिए तीन साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्र गीत वंदे मातरम् को राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान करना है।
विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, राष्ट्र गीत के गायन के दौरान व्यवधान उत्पन्न करना या किसी भी तरह से उसका अपमान करना दंडनीय होगा।
सरकार द्वारा राष्ट्र गीत को राष्ट्र गान के समान दर्जा दिलाने का प्रयास वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के साल भर चलने वाले समारोहों के बीच किया जा रहा है।
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर यह अनिवार्य कर दिया है कि ‘जन गण मन’ गाए जाने वाले सभी सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् बजाया जाना या इसके गायन को अनिवार्य किया जाए।
भाषा सुभाष देवेंद्र
देवेंद्र

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