मणिपुर में राजमार्ग से नगा समूहों के अवरोधक हटाए सरकार: कुकी-जो संगठन
मणिपुर में राजमार्ग से नगा समूहों के अवरोधक हटाए सरकार: कुकी-जो संगठन
कांगपोकपी (मणिपुर), 28 जून (भाषा) मणिपुर में कांगपोकपी जिले के एक कुकी-जो संगठन ने केंद्र और राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर नगा समूहों द्वारा कथित रूप से लगाए गए सभी अवरोधक हटाए जाएं।
‘जनजातीय एकता समिति’ (सीओटीयू) ने एक बयान में कहा कि कांगपोकपी के सभी नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) के साथ विचार-विमर्श करने के बाद उसने सभी अवरोधक हटाने के लिए ‘‘48 घंटे की समय सीमा’’ देने का सर्वसम्मति से फैसला किया जो रविवार आधी रात से लागू होगी।
सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-2 और राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर अवरोधकों के कारण कुकी-जो बहुल जिले में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने और उनका भंडार कम होने के मद्देनजर यह कदम उठाया गया।
सीओटीयू ने कहा कि नगा समूहों के अवरोधकों और अनधिकृत जांच चौकियों के कारण पिछले एक महीने से अधिक समय से सड़क परिवहन बुरी तरह बाधित है। उसने सड़क परिवहन को ‘‘लोगों की जीवनरेखा और आर्थिक गतिविधियों की रीढ़’’ बताया।
संगठन ने कहा, ‘‘इससे आवश्यक वस्तुओं, दवाओं और चिकित्सा सामग्री के परिवहन तथा आम लोगों की निर्बाध आवाजाही में अत्यधिक परेशानी हो रही है।’’
सीओटीयू और विचार-विमर्श में शामिल नागरिक समाज संगठनों ने मांग की कि मणिपुर सरकार केंद्र और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सभी अनधिकृत जांच चौकियों और अवरोधकों को तत्काल हटाए तथा निर्बाध आवाजाही 48 घंटे के भीतर बहाल करे।
सीओटीयू ने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं किए जाने पर कुकी-जो समुदाय आम लोगों के हितों, अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा के लिए ‘‘उचित लोकतांत्रिक कदम’’ उठाने को मजबूर होगा।
मणिपुर में मेइती समुदाय और कुकी समुदाय के बीच जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
राज्य में इस वर्ष फरवरी से कुकी और नगा समुदायों के बीच भी तनाव की स्थिति है। संघर्ष के हालिया दौर में कई लोगों की हत्या और अपहरण की घटनाएं हुई हैं।
भाषा सिम्मी रंजन
रंजन

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