गुजरात: विमान दुर्घटना का वीडियो बनाने वाला ‘एयरोप्लेन बॉय’ एक साल बाद भी उस पीड़ा से उबर नहीं पाया

गुजरात: विमान दुर्घटना का वीडियो बनाने वाला ‘एयरोप्लेन बॉय’ एक साल बाद भी उस पीड़ा से उबर नहीं पाया

गुजरात: विमान दुर्घटना का वीडियो बनाने वाला ‘एयरोप्लेन बॉय’ एक साल बाद भी उस पीड़ा से उबर नहीं पाया
Modified Date: June 12, 2026 / 11:24 am IST
Published Date: June 12, 2026 11:24 am IST

मेघराज (गुजरात), 12 जून (भाषा) गुजरात के अरावली जिले के एक दूरदराज गांव का 18 वर्षीय छात्र आर्यन असारी एक साल पहले एक सामान्य स्कूली छात्र था, जिसने कभी किसी विमान को इतनी नजदीक से नहीं देखा था।

आज आर्यन अपने गांव और आसपास के इलाकों में ‘‘एयरोप्लेन बॉय’’ के नाम से जाना जाता है। इसकी वजह वह मोबाइल फोन वीडियो है, जिसमें पिछले वर्ष 12 जून को अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के विमान के अंतिम क्षण अनायास ही रिकॉर्ड हो गए थे। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी।

हालांकि, यह पहचान अपने साथ एक मानसिक बोझ भी लेकर आई। आर्यन का कहना है कि उस दिन के बाद उसने किसी विमान का वीडियो नहीं बनाया और अब तक खुद विमान में यात्रा करने का साहस भी नहीं जुटा पाया है।

आर्यन ने ‘‘पीटीआई-भाषा’’ से बातचीत में कहा, ‘‘मैं पहली बार अहमदाबाद गया था और इतने नजदीक से विमान देखा था। दोस्तों को दिखाने के लिए मैंने मोबाइल निकालकर उसका वीडियो बनाना शुरू किया था।’’

अहमदाबाद के मेघाणीनगर इलाके में हवाई अड्डे के निकट अपने पिता के किराये के मकान की छत पर खड़े आर्यन को नीचे उड़ता विमान आकर्षित कर रहा था। लेकिन सामान्य तौर पर बनाया जा रहा वीडियो कुछ ही क्षणों में एक बड़ी त्रासदी का दस्तावेज बन गया।

उसने कहा, ‘‘अचानक विमान नीचे आने लगा और फिर आग के बड़े गोले में बदल गया। मैं बुरी तरह डर गया था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी आंखों के सामने ऐसा कुछ हो सकता है।’’

आर्यन दुर्घटना वाले दिन सुबह ही अपने पिता मगन असारी से मिलने अहमदाबाद पहुंचा था। सेवानिवृत्त सैनिक मगन असारी उस समय एक मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। आर्यन की यह यात्रा कक्षा 12 में प्रवेश लेने के बाद पाठ्यपुस्तकें खरीदने के उद्देश्य से भी थी।

लेकिन शहर पहुंचने के कुछ ही घंटों के भीतर वह देश की सबसे भीषण विमान दुर्घटनाओं में से एक का प्रत्यक्षदर्शी बन गया। उसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया और टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित हुआ।

वीडियो वायरल होने के बाद विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि उसके पिता के घर गए और आर्यन ने अनेक समाचार चैनलों को साक्षात्कार दिए।

कुछ दिनों बाद वह अपने गांव लौट आया और पढ़ाई में जुट गया। उसने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की और अब महाविद्यालय में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहा है। सामान्य जीवन काफी हद तक पटरी पर लौट आया है, लेकिन क्षेत्र में उसकी पहचान स्थायी रूप से बदल चुकी है।

आर्यन ने कहा, ‘‘जब मैं गांव लौटा तो हर कोई वह वीडियो देखना चाहता था। मेरे दोस्तों ने कहा कि मैं मशहूर हो गया हूं।’’

उसने बताया, ‘‘हाल ही में मैं एक शादी में गया था। वहां कई लोगों ने मुझसे पूछा कि क्या मैं वही ‘एयरोप्लेन बॉय’ हूं। मैंने कहा, हां।’’

उस घटना का डर अब भी उसके मन में बना हुआ है। आर्यन ने कहा, ‘‘उस घटना के बाद मैंने मोबाइल से विमानों का वीडियो बनाना बंद कर दिया। अब डर लगता है कि अगर किसी विमान का वीडियो बनाऊंगा तो कहीं वह भी दुर्घटनाग्रस्त न हो जाए।’’

यह भय केवल वीडियो बनाने तक सीमित नहीं है। ग्रामीण गुजरात के अनेक युवाओं की तरह आर्यन भी भविष्य में विदेश जाने का सपना देखता है, लेकिन विमान यात्रा का विचार अभी भी उसे डराता है।

उसने कहा, ‘‘मैं भविष्य में विदेश जाना चाहता हूं, लेकिन अभी विमान में बैठने का साहस नहीं जुटा पाया हूं।’’

भाषा मनीषा शोभना

शोभना


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