गुजरात निकाय चुनाव: भाजपा के समक्ष गढ़ कायम रखने की चुनौती; कांग्रेस, आप टक्कर देने को तैयार
गुजरात निकाय चुनाव: भाजपा के समक्ष गढ़ कायम रखने की चुनौती; कांग्रेस, आप टक्कर देने को तैयार
(पराग दवे)
अहमदाबाद, 22 अप्रैल (भाषा) गुजरात में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले, इसी महीने होने जा रहे स्थानीय निकाय चुनाव में राज्य के मतदाताओं का मिजाज देखने को मिल सकता है।
यह एक ऐसा राज्य है जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राजनीतिक वर्चस्व पिछले कुछ दशकों में टस से मस नहीं हुआ है, जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) भाजपा के गढ़ को भेदने की कोशिश कर रही है।
भाजपा के लिए चुनौती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य में लगभग तीन दशकों के अपने राजनीतिक वर्चस्व को बरकरार रखना है।
दिलचस्प बात यह है कि स्थानीय निकाय चुनाव के तहत मतदान में चार दिन ही बचे हैं, भाजपा ने विपक्षी दलों द्वारा मैदान में उतारे गए कुछ उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने के कारण 731 सीटों पर बिना किसी मुकाबले के जीत का दावा किया है।
पंद्रह नगर निगमों, 34 जिला पंचायतों, 260 तालुका पंचायतों और 84 नगरपालिकाओं की 9,992 सीटों के लिए 26 अप्रैल को मतदान होना है। मतगणना 28 अप्रैल को होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणाम अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले जनता का मिजाज बता सकते हैं।
भाजपा चुनाव प्रचार में, अपने विकास कार्यों को भुनाने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को उम्मीद है कि मतदाताओं में ‘‘नाराजगी’’ कुछ क्षेत्रों में उनकी संभावनाओं को बढ़ाएगी।
भाजपा मुख्य रूप से अपने सबसे बड़े चेहरे, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विकास एजेंडा और राज्य की भूपेंद्र पटेल सरकार के प्रदर्शन पर निर्भर है।
वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस का मानना है कि ये परिणाम 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ पार्टी के लिए एक बड़ा झटका साबित होंगे।
आम आदमी पार्टी राज्य में अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी स्थानीय चुनावों में लगभग 5,000 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
मार्च 2021 में, भाजपा ने गुजरात के स्थानीय चुनावों में एक बार फिर शानदार जीत हासिल की थी, विभिन्न नगरपालिकाओं की 8,470 सीटों में से 6,236 सीटें जीतकर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस को काफी पीछे छोड़ दिया।
उस समय भाजपा ने सभी छह नगर निगमों के अलावा 81 नगर पालिकाओं, 32 जिला पंचायतों और 231 तालुका पंचायतों में परचम लहराया था।
जनवरी 2026 में, गुजरात मंत्रिमंडल ने नौ नगर पालिकाओं – नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आणंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर को नगर निगमों में तब्दील करने की मंजूरी दी।
कांग्रेस की गुजरात इकाई के प्रवक्ता मनीष दोशी ने दावा किया, ‘‘इस बार भाजपा चौंक जाएगी क्योंकि जनता स्थानीय निकायों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और वादों को पूरा न करने को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी से नाराज है।’’
विभिन्न नगर निगमों और नगरपालिकाओं में कांग्रेस के शानदार प्रदर्शन का हवाला देते हुए दोशी ने कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले ये (नगर निकाय) चुनाव परिणाम भाजपा के लिए एक चेतावनी साबित होंगे।
उन्होंने भाजपा पर विपक्ष को चुप कराने के लिए धन और बाहुबल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कुछ सीटों पर मतदान से पहले निर्विरोध जीत जाने का दावा करने का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने धन और बाहुबल का इस्तेमाल करके हमारे कुछ उम्मीदवारों को चुनाव मैदान से हटने के लिए मजबूर किया ताकि वे निर्विरोध चुनाव जीत सकें। हालांकि, वे कुछ सीटों पर ऐसा करने में सफल रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता और उम्मीदवार इस तरह की मनमानी का बहादुरी से विरोध कर रहे हैं।’’
आम आदमी पार्टी ने सूरत नगर निगम चुनाव 2021 के अपने ‘‘शानदार’’ प्रदर्शन पर भरोसा जताते हुए दावा किया कि भाजपा के खिलाफ मतदाताओं में व्याप्त ‘‘नाराजगी’’ केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को कुछ क्षेत्रों में जीत का मौका देगी।
पार्टी की गुजरात इकाई के महासचिव मनोज सोरथिया, जो सूरत से पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं, ने कहा, ‘‘हमने 5,000 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। यह पहली बार है कि पार्टी स्थानीय निकाय चुनावों में इतने बड़े पैमाने पर चुनाव लड़ रही है। हम जितनी भी सीट जीतेंगे, वह हमारे लिए एक उपलब्धि होगी और इससे स्थानीय स्तर पर हमारा नेतृत्व मजबूत होगा।’’
उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में पार्टी ने सूरत नगर निगम में 20 से अधिक सीटों पर जीत हासिल की थी, जो सूरत और राजकोट में भाजपा को चुनौती देने के पार्टी के संकल्प को प्रदर्शित करता है।
भाजपा प्रवक्ता प्रशांत वाला ने कहा, ‘‘विपक्षी दलों के उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने के कारण भाजपा ने 731 सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है।’’
भाषा सुभाष नरेश
नरेश

Facebook


