गुजरात सरकार ने बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित करने के लिए 60 करोड़ रुपये आवंटित किये

गुजरात सरकार ने बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित करने के लिए 60 करोड़ रुपये आवंटित किये

गुजरात सरकार ने बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित करने के लिए 60 करोड़ रुपये आवंटित किये
Modified Date: March 26, 2026 / 09:21 pm IST
Published Date: March 26, 2026 9:21 pm IST

गांधीनगर, 26 मार्च (भाषा) गुजरात सरकार ने सहकारी दुग्ध उत्पादन समितियों के माध्यम से नए बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित करने के लिए 60 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में, इस बजट आवंटन का उद्देश्य डेयरी क्षेत्र को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के केंद्र में बदलना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है।

इसमें कहा गया है, ‘‘राज्यभर में लगभग 10 बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित करने के लिए एक चरणबद्ध योजना प्रस्तावित की गई है। बायो-सीएनजी संयंत्र गोबर, कृषि अवशेष और खाद्य अपशिष्ट जैसे जैविक कचरे को शुद्ध संपीड़ित बायोगैस में परिवर्तित करता है, जिसका इस्तेमाल परिवहन और औद्योगिक ईंधन के लिए किया जाता है।’’

विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वेस्ट टू वेल्थ’, आत्मनिर्भर भारत और हरित ऊर्जा के दृष्टिकोण के अनुरूप, गुजरात का विकास मॉडल एक राष्ट्रीय मानदंड के रूप में उभरा है।

इसमें कहा गया है कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से बनासकांठा जिले में स्थित बनास बायो-सीएनजी संयंत्र मॉडल को अब देशभर के लगभग 15 राज्यों द्वारा अपनाया जा रहा है।

भाषा देवेंद्र रंजन

रंजन


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