Khelo India Tribal Games Chhattisgarh : खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में बड़ी गड़बड़ी, 5 महीने से सूखे पड़े स्विमिंग पूल में सिर्फ एक्सरसाइज करवाकर खिलाड़ियों को भेजा नेशनल खेलने, यहां देखें पूरा वीडियो

Bijapur के खिलाड़ियों को बिना पानी वाले स्विमिंग पूल में तैयारी कराकर नेशनल प्रतियोगिता में भेजे जाने से खेल व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

Khelo India Tribal Games Chhattisgarh : खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में बड़ी गड़बड़ी, 5 महीने से सूखे पड़े स्विमिंग पूल में सिर्फ एक्सरसाइज करवाकर खिलाड़ियों को भेजा नेशनल खेलने, यहां देखें पूरा वीडियो

Reported By: Suman Pandey,
Modified Date: March 27, 2026 / 12:04 am IST
Published Date: March 27, 2026 12:03 am IST
HIGHLIGHTS
  • बीजापुर में 5 महीने से खाली पड़ा था स्विमिंग पूल
  • खिलाड़ियों को सिर्फ एक्सरसाइज कराकर भेजा गया
  • रायपुर पहुंचकर खिलाड़ी घबराए नजर आए

रायपुर : Khelo India Tribal Games Chhattisgarh :  खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को लेकर छत्तीसगढ़ से बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीजापुर में खिलाड़ियों को स्विमिंग की उचित सुविधा ही नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें सूखे पड़े स्विमिंग पूल के पास केवल एक्सरसाइज कराकर नेशनल प्रतियोगिता में भेज दिया गया। रायपुर के इंटरनेशनल स्विमिंग पूल में जब खिलाड़ी उतरे तो वे घबराए हुए नजर आए और प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ।

पांच महीने से खाली पड़ा था पूल


इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बीजापुर से आए प्रतिभागी रायपुर के स्विमिंग पूल में उतरे। खिलाड़ी गहरे पानी और इंटरनेशनल मानकों को देखकर घबराए हुए नजर आए। खिलाड़ियों का कहना है कि पिछले करीब 5 महीनों से स्विमिंग पूल में पानी ही नहीं है, इसके बावजूद उन्हें प्रतियोगिता के लिए तैयार मान लिया गया। रायपुर के इंटरनेशनल स्विमिंग पूल में जब ये खिलाड़ी उतरे तो वे घबराए हुए नजर आए और प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ।

खिलाड़ियों को नहीं मिल रही थी पर्याप्त डाइट


कोच दीप्ति वर्मा ने बताया कि खिलाड़ियों को पर्याप्त डाइट भी नहीं मिल रही थी, सिर्फ अंडा और केला देकर ट्रेनिंग कराई जा रही थी। खिलाड़ियों ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रैक्टिस के दौरान पानी और सुविधाओं की कमी के कारण उनका प्रदर्शन बेहतर नहीं हो पाया। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदेश के ही आदिवासी खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं, फिर भी उन्हें सीधे नेशनल गेम्स में उतार दिया गया, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..