MP Tehsildar Arrested: KBC में 50 लाख जीतने वाली अफसर ने कर दिया ये बड़ा घोटाला, अब पहुंची सलाखों के पीछे, जानिए कौन है अमिता सिंह तोमर?

KBC में 50 लाख जीतने वाली अफसर ने कर दिया ये बड़ा घोटाला, अब पहुंची सलाखों के पीछे, Sheopur Tehsildar Amita Singh Arrested

MP Tehsildar Arrested: KBC में 50 लाख जीतने वाली अफसर ने कर दिया ये बड़ा घोटाला, अब पहुंची सलाखों के पीछे, जानिए कौन है अमिता सिंह तोमर?
Modified Date: March 26, 2026 / 09:28 pm IST
Published Date: March 26, 2026 9:28 pm IST

ग्वालियर। MP Tehsildar Arrested: मध्यप्रदेश में बाढ़ राहत घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए श्योपुर जिले की बड़ौदा थाना पुलिस ने तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर करीब ढाई करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले में संलिप्त होने का आरोप है। पता हो कि महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं।

पुलिस के अनुसार अमिता सिंह तोमर को ग्वालियर स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई उनके खिलाफ चल रहे मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद की गई है। बताया जा रहा है कि बड़ौदा थाना पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश में थी और कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। मामले में जांच एजेंसियों ने पहले ही घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज जुटाए थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उन्हें श्योपुर ले गई है, जहां कुछ ही देर में कोर्ट में पेश किया गया।

फर्जी नामों पर निकाली राशि

MP Tehsildar Arrested: आरोप है कि अमिता सिंह ने असली पीड़ितों की बजाय फर्जी नामों पर राशि वितरण की सूची बनाई थी जिसमें ढाई करोड़ रूपए पर डाका डाला था। अमिता सिंह के इस हरकत की वजह से असली बाढ़ पीड़ित राहत राशि से वंचित रह गए थे। ऑडिट जांच में इस मामले की पोल खुली थी कि कई अपात्र और काल्पनिक नामों पर मुआवजा राशि निकाल ली गई है.इस गड़बड़घोटाले में ना सिर्फ सरकारी दस्तावेजों के साथ हेरफेर किया गया था बल्कि सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया था।

14 साल की नौकरी में 25 तबादले, पीएम को लिखा था पत्र

अमिता सिंह तोमर की सर्विस भी काफी चर्चा में रही है। करीब 14 साल की नौकरी में उनके 25 तबादले हो चुके हैं। हाल ही में ब्यावरा से करीब 800 किमी दूर सीधी तबादला होने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। इसके साथ ही उन्होंने उस समय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ट्वीट कर न्याय की गुहार लगाई थी। उनका कहना था कि उन्होंने ग्वालियर और शिवपुरी में पोस्टिंग के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उन्हें सीधी भेज दिया गया, जहां सीधी रेल सुविधा भी नहीं है।

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