गुजरात सरकार को हरेन पंड्या हत्याकांड के दोषी की अर्जी पर छह महीने के अंदर निर्णय लेने का आदेश
गुजरात सरकार को हरेन पंड्या हत्याकांड के दोषी की अर्जी पर छह महीने के अंदर निर्णय लेने का आदेश
अहमदाबाद, 25 जून (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह 2003 के हरेन पंड्या हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे हमलावर की सजा में कटौती करने की अर्जी पर छह महीने के भीतर निर्णय करे।
हैदराबाद के मोहम्मद असगर अली को 26 मार्च 2003 को अहमदाबाद में गुजरात के पूर्व गृह मंत्री पंड्या की गोली मारकर हत्या कर दिये जाने की घटना के कुछ दिनों बाद गिरफ्तार किया गया था।
अली ने उच्च न्यायालय का रुख करते हुए कहा कि जेल में 14 साल बिताने के बाद, उसकी समय पूर्व रिहाई की अर्जी पर सरकार कोई निर्णय नहीं ले रही है, जबकि जेल में उसका व्यवहार अच्छा रहा है।
न्यायमूर्ति एम.आर. मेंगडे ने अली की सजा में कटौती करने की अर्जी पर राज्य सरकार को 17 जून को निर्णय लेने का निर्देश दिया था। यह निर्णय छह महीने के भीतर लेने को कहा गया था।
अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘‘रिकॉर्ड पर मौजूद जेल (अधीक्षक) की टिप्पणियों से पता चलता है कि याचिकाकर्ता की सजा में कटौती के मामले पर विचार करने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए सलाहकार समिति से राय भी मांगी गई थी, जो मिल चुकी है और इसे जल्द ही संबंधित अधिकारी के समक्ष रखा जाएगा।’’
उच्च न्यायालय ने अली की अर्जी का निस्तारण करते हुए कहा कि इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, संबंधित अधिकारी याचिकाकर्ता की सजा में कटौती की अर्जी पर कानून के अनुसार जल्द से जल्द – और बेहतर होगा कि आदेश प्राप्त होने की तारीख से छह महीने के भीतर – उचित निर्णय लें।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच से पता चला कि पंड्या की हत्या 2002 के सांप्रदायिक दंगों का बदला लेने के लिए की गई थी। अली उन 18 लोगों में शामिल था जिन्हें पंड्या की हत्या के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और आतंकवाद निवारण अधिनियम (पोटा) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपित किया गया था।
सीबीआई अदालत ने 2007 में अली को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
उच्च न्यायालय ने 2019 में अली समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।
हालांकि, सीबीआई की अपील के बाद, उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय के आदेश को पलट दिया और उसे आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।
भाषा सुभाष रंजन
रंजन

Facebook


