गुजरात उच्च न्यायालय ने ‘मैरिज ब्यूरो’ संचालक को जमानत दी

गुजरात उच्च न्यायालय ने ‘मैरिज ब्यूरो’ संचालक को जमानत दी

गुजरात उच्च न्यायालय ने ‘मैरिज ब्यूरो’ संचालक को जमानत दी
Modified Date: August 26, 2026 / 10:31 pm IST
Published Date: August 26, 2026 10:31 pm IST

अहमदाबाद, 26 अगस्त (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने ‘मैरिज ब्यूरो’ चलाने वाली एक महिला को यह कहते हुए जमानत दे दी कि ‘लुटेरी दुल्हन गैंग’ की सदस्य के तौर पर उसकी कोई भूमिका नहीं पाई गई।

न्यायमूर्ति एचडी सुथार ने पांच महीने पहले गिरफ्तार की गई कविता सोनी को मंगलवार को जमानत देते हुए कहा कि मुकदमा पूरा होने में समय लगेगा और आरोपी को जेल में रखने का मतलब मुकदमे से पहले ही दोषी ठहराना है।

अदालत ने उसे राहत देते हुए आपराधिक कानून के इस बुनियादी सिद्धांत का भी हवाला दिया – ‘‘ज़मानत नियम है और जेल अपवाद’’।

इसने आवेदक को 25,000 रुपये का निजी बॉण्ड और इतनी ही ज़मानत राशि भरने पर नियमित ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

प्रकरण में एक स्थानीय निवासी की शिकायत पर साबरकांठा ज़िले के हिम्मतनगर शहर में संबंधित महिला के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी महिला अपने पति मनहर के साथ मिलकर ‘दिव्य शक्ति’ नाम का एक मैरिज ब्यूरो चलाती थी। शिकायतकर्ता अपने भतीजे के लिए जीवनसाथी की तलाश में इस ब्यूरो के पास गया और आरोपी को 5.10 लाख रुपये दिए।

हालांकि, शिकायतकर्ता के भतीजे की शादी उस महिला के बजाय किसी दूसरी महिला से हुई, जिसके साथ पहले शादी तय हुई थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि यह आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के बराबर है।

अदालत ने महिला को ज़मानत देते हुए अपने आदेश में कहा, ‘‘…मौजूदा याचिकाकर्ता (सोनी) की भूमिका केवल शिकायतकर्ता के भतीजे की शादी का वादा करने या शादी संपन्न कराने तक ही सीमित है। इसके अलावा, ‘लुटेरी दुल्हन गैंग’ की सदस्य के तौर पर मौजूदा याचिकाकर्ता की कोई भूमिका नहीं बताई गई है और न ही उसके खिलाफ कोई अन्य आरोप सामने आया है।’’

भाषा नेत्रपाल पवनेश

पवनेश


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