चंडीगढ़, सात जून (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि सिखों के तीसरे गुरु, अमर दास का जीवन त्याग, सेवा और मानवता का प्रतीक है जो आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।
सैनी ने कहा कि गुरु अमर दास ने सामाजिक भेदभाव, जातिगत विभाजन और पुरानी परंपराओं का पुरजोर विरोध किया तथा ‘‘पहले पंगत, पच्छे संगत’’ का चिरस्थायी संदेश दिया, जो सामाजिक सद्भाव और समानता का आधार बना हुआ है।
मुख्यमंत्री पंजाब के लुधियाना में अमरपुरा चौक के पास गुरु अमरदास की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित नौवें ‘विशाल कीर्तन समागम’ को संबोधित कर रहे थे।
सैनी ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए गुरु अमर दास सेवा सोसायटी, श्री सुखमनी सेवा सोसायटी और गुरु अमर दास गुरुद्वारा एवं धर्मशाला चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु अमर दास ने सामाजिक सुधार और महिला सशक्तीकरण में अद्वितीय योगदान दिया।
सैनी ने कहा कि गुरु अमर दास ने सती प्रथा का कड़ा विरोध किया, विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया और महिलाओं को पर्दा प्रथा त्यागने के लिए प्रोत्साहित किया।
भाषा शोभना नेत्रपाल
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