ज्ञानवापी मस्जिद विवाद: न्यायालय में नयी याचिका दाखिल कर कार्यवाही में हस्तक्षेप का अनुरोध |

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद: न्यायालय में नयी याचिका दाखिल कर कार्यवाही में हस्तक्षेप का अनुरोध

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद: न्यायालय में नयी याचिका दाखिल कर कार्यवाही में हस्तक्षेप का अनुरोध

:   November 29, 2022 / 08:55 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय में एक नयी याचिका दाखिल कर ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया है।

इसमें दलील दी गयी है कि मुसलमान किसी भूखंड पर मस्जिद का दावा करते हुए कोई अधिकार नहीं जता सकते , जब तक कि इसका निर्माण कानूनी रूप से स्वामित्व और नियंत्रण वाली पवित्र जमीन पर नहीं किया गया हो।

याचिकाकर्ता ने कहा कि देवों में निहित संपत्ति देवों की होती है, भले ही किसी व्यक्ति ने उस पर अवैध कब्जा किया हो और उस पर नमाज अदा की जा रही हो।

वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा कि केवल उन्हीं जगहों को संरक्षित किया जा सकता है, जिन्हें उन्हें बनाने वाले व्यक्ति के पर्सनल लॉ के अनुरूप बनाया गया है, लेकिन पर्सनल लॉ की अवज्ञा करते हुए निर्मित स्थानों को ‘उपासना स्थल’ नहीं कहा जा सकता।

याचिका में कहा गया है कि मस्जिद का दर्जा केवल उन्हीं ढांचों को दिया जा सकता है जो इस्लाम के सिद्धांतों के अनुसार बनाए गए हैं और इस्लामी कानून में निहित प्रावधानों के खिलाफ बनाई गई मस्जिदों को मस्जिद नहीं कहा जा सकता।

ज्ञानवापी मस्जिद की प्रबंधन समिति अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद ने परिसर के सर्वेक्षण पर रोक लगाने के लिए शीर्ष अदालत का रुख किया था।

शीर्ष अदालत ने 20 मई को ज्ञानवापी मस्जिद पर हिंदू भक्तों द्वारा दायर दीवानी मुकदमे को दीवानी न्यायाधीश (वरिष्ठ संभाग) से जिला न्यायाधीश, वाराणसी को यह कहते हुए स्थानांतरित कर दिया था कि इस मुद्दे की जटिलताओं और संवेदनशीलता को देखते हुए, यह बेहतर है कि एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी इस मामले को देखे जिसे 25-30 वर्षों से अधिक का अनुभव हो ।

भाषा वैभव नरेश

नरेश

 

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