एचएएम रेडियो और सेवानिवृत्त शिक्षक ने अलजाइमर से पीड़ित बुजुर्ग को परिवार से मिलाने में मदद की |

एचएएम रेडियो और सेवानिवृत्त शिक्षक ने अलजाइमर से पीड़ित बुजुर्ग को परिवार से मिलाने में मदद की

एचएएम रेडियो और सेवानिवृत्त शिक्षक ने अलजाइमर से पीड़ित बुजुर्ग को परिवार से मिलाने में मदद की

:   November 30, 2023 / 04:20 PM IST

कोलकाता, 30 नवंबर (भाषा) दक्षिण कोलकाता स्थित अपने घर से लापता हुआ एक 76-वर्षीय अल्जाइमर मरीज करीब तीन महीने बाद परिवार में लौट आया और यह सुखद पल कुछ नेक लोगों की साझा कोशिशों से आया है।

इस तीन महीने की अवधि में यह बुजुर्ग घर से महज 14 किलोमीटर दूर सॉल्ट लेक के एक सरकारी अस्पताल में था।

अल्जाइमर से ग्रसित सुरजीत मुखर्जी एक सितंबर को बालीगंज स्थित अपने घर से बाहर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।

अल्जाइमर एक मस्तिष्क की बीमारी है जिसके कारण स्मृति लोप की समस्या आती है और सोचने, सीखने और संगठन कौशल में धीरे-धीरे गिरावट आती है।

मुखर्जी के परिजनों ने अगले दिन पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

इस बीच, मुखर्जी किसी तरह सॉल्ट लेक पहुंचे, जहां उन्हें बीडी ब्लॉक में एक सड़क पर स्कूल की पूर्व शिक्षिका शर्मिला मजूमदार ने देखा। मुखर्जी उनके प्रश्नों का ठीक से उत्तर देने में विफल रहे।

मजूमदार को लगा कि बुजुर्ग व्यक्ति भूखा है और वह अपने घर का बना खाना और पानी ले आईं। उन्होंने और उनके पड़ोसियों अमिताभ साहा तथा बिक्रम शर्मा ने स्थानीय पार्षद से संपर्क किया, जिसने पुलिस को सूचित किया।

पुलिस ने उन्हें सॉल्ट लेक स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन दो महीने से अधिक समय तक उनके परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं जुटाई जा सकी।

शर्मिला मजूमदार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मैं 26 नवंबर को पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब से संपर्क में आई और एचएएम रेडियो संचालकों ने अगले दिन तक बुजुर्ग व्यक्ति से जुड़ी जानकारी एकत्र कर ली।’’

मुखर्जी की बहन और उनकी बेटी को सूचित किया गया और वे अस्पताल तथा पुलिस की सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मंगलवार को उन्हें बागमारी स्थित अपने घर ले गईं।

मजूमदार की तरह, बिधाननगर उत्तर पुलिस थाना के उप-निरीक्षक प्रोवास घोष भी इस बात से खुश थे कि वह संकट में पड़े एक व्यक्ति की मदद कर सके। उन्होंने मुखर्जी और उनके रिश्तेदारों की मदद की थी।

मुखर्जी ने डॉक्टरों को बताया था कि वह उत्तरी कोलकाता के बागमारी के रहने वाले हैं।

पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब के सचिव अंबरीश नाग विश्वास ने कहा, ‘‘माणिकतला के एक एचएएम रेडियो ऑपरेटर सुरजीत मंडल ने बागमारी में एक चाय की दुकान के मालिक की मदद से मुखर्जी का पुराना पता ढूंढा और फिर हमने उनके परिवार से संपर्क किया।’’

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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